नई दिल्ली। पुलिस के एक एसआई ने आईपीएल खिलाड़ी रहे विकास टोकस को ऐसा मुक्का मारा कि उनकी आंख बाल-बाल बच गई। पीड़ित खिलाड़ी ने इसकी शिकायत पुलिस मुख्यालय में की। वहीं दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी गौरव शर्मा को कहना है कि खिलाड़ी विकास ने पुलिस कर्मियों से बदसलूकी की।
खिलाड़ी विकास टोकस ने पुलिस मुख्यालय को किए मेल में लिखा है कि वह एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं। 26 जनवरी को पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्हें एक अधिकारी ने ऐसा मुक्का मारा कि उनकी आंख की रोशनी जाते-जाते बची। इस घटना के बाद से वह मानसिक परेशानियों से गुजर रहे हैं। विकास टोकस ने 15 फर्स्ट क्लास व 17 टी-20 क्रिकेट मैच खेले हैं। वह वर्ष 2016 में बैंगलोर की टीम का हिस्सा रहे थे। इस मामले में पुलिस मुख्यालय ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को विकास टोकस के बयान दर्ज किए हैं।
खिलाड़ी को दुर्घटनावश लगी चोट- डीसीपी
दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी गौरव शर्मा के अनुसार गणतंत्र दिवस के अवसर पर चेकिंग के दौरान पूर्वाह्न लगभग 11.30 बजे गांव मोहम्मदपुर निवासी विकास टोकस नाम के एक व्यक्ति को रोका गया था। तभी विकास ने दुर्व्यवहार किया। सिपाही ने मास्क न लगाने पर टोका तो विकास ने दोबारा बदसलूकी की। थाने चलने को कहा गया तो वह अपनी कार नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह की ओर जाने वाली सड़क पर जाने की कोशिश करने लगे। पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोका तो हाथापाई में खिलाड़ी की आंख के पास चोट लग गई। इसके बाद विकास को थाने ले जाया गया। दिल्ली पुलिस में एसआई रहे विकास के ससुर ने माफी मांगी तब उसे छोड़ दिया गया।