अदालत ने एक शादी के आयोजक को 2020 में समारोह में 50 से अधिक लोगों को इकट्ठा करने की अनुमति देकर कोविड-19 मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए दोषी ठहराया है। समारोह में किसी भी मेहमान ने मास्क नहीं पहना था न ही सामाजिक दूरी बनाए रखी थी। मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट आशीष कुमार मीणा ने आरोपी सुनील नरूला को धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा) के तहत अपराध के लिए दोषी ठहराया। अदालत ने कहा अभियोजन पक्ष पेश साक्ष्य व गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी का अपराध साबित करने में सफल रहा है।
विज्ञापन
इस धारा के तहत अधिकतम सजा छह महीने तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। अदालत ने बचाव पक्ष के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि गवाह ने लगातार गवाही दी है और उस पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है। ट्रायल के दौरान दोषी ने कोर्ट से कहा था कि उसे झूठा फंसाया गया है।
दोषी सुनील नरूला के खिलाफ आरोप था कि उन्होंने 11 दिसंबर, 2020 को दिल्ली के नवादा हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में अपने फार्महाउस पर शादी समारोह का आयोजन किया, जहां उन्होंने निर्धारित नियमों का पालन किए बिना 50 से अधिक लोगों को अनुमति दी। उसके पड़ोसी द्वारा दर्ज की गई शिकायत पर, दो पुलिस अधिकारी फार्महाउस गए, जहां उन्होंने देखा कि किसी भी मेहमान ने मास्क नहीं पहना था और फार्महाउस के मालिक द्वारा किसी भी सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन नहीं किया गया था।