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दिल्ली : राजधानी में आर वैल्यू से घटा संक्रमण, विशेषज्ञों का दावा- इस हफ्ते और कम होने के आसार

Sat, 29 Jan 2022 04:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा किशन कुमार, नई दिल्ली

सार

आईआईटी मद्रास के अनुसार पिछले सप्ताह 0.98 फीसदी थी।
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demo pic - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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राजधानी में कई दिन से कोरोना संक्रमण के विभिन्न मानक नियंत्रण में आ रहे हैं। नए मामलों का ग्राफ गिरने के पीछे सबसे बड़ी वजह आर वैल्यू का कम होना है। जनवरी के दूसरे सप्ताह में आर वैल्यू एक से अधिक थी, जो अब एक से नीचे आ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आर वैल्यू के कम होने के कारण कोरोना संक्रमण कम फैल रहा है।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, महामारी के तीन से चार पैरामीटर होते हैं। इसमें आर वैल्यू, अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीज, संक्रमण दर और दैनिक मामले शामिल होते हैं। संक्रमण के लिए सिर्फ आर वैल्यू नहीं बल्कि, बीते दिनों में अन्य तीन कारकों में भी कमी देखी जा रही है। 

आईआईटी मद्रास द्वारा हाल ही में जारी किए आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना की तीसरी लहर के दौरान देशभर में 25 से 31 दिसंबर तक आर वैल्यू 2.9 थी। एक से छह जनवरी तक यह चार तक पहुंच गई थी। सात से 13 जनवरी के बीच 2.2 व 14 से 21 जनवरी के बीच यह घटकर 1.57 पर आ गई थी। दिल्ली में यह 0.98 फीसदी पर पहुंची थी। 
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इसलिए विशेषज्ञों का दावा है कि जिस प्रकार बीते एक सप्ताह में तेजी से संक्रमण दर व दैनिक मामलों में कमी आ रही है, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस सप्ताह दिल्ली में आर वैल्यू में और कमी हुई है। हालांकि, इस सप्ताह को लेकर आईआईटी मद्रास जल्द ही नए आंकड़े जारी करेगा।

दिल्ली में 13 जनवरी को अब तक के सर्वाधिक 28,867 मामले मिले थे। इसके अगले दिन ही संक्रमण दर 30.64 फीसदी पर पहुंच गई थी। इसके बाद से नए मामलों के साथ-साथ संक्रमण दर में कमी आना शुरू हुई थी।  

इस तरह पड़ता है असर : आर वैल्यू एक से अधिक होने पर बड़ी आबादी के बीच तेजी से संक्रमण फैलता है। इस वजह से दैनिक मामलों के साथ संक्रमण दर में बढ़ोतरी होती है। अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो जाता है, लेकिन जैसे ही आर वैल्यू एक से नीचे जाती है तो दैनिक मामलों से लेकर अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों में भी कमी होने लगती है।

क्या होती है आर वैल्यू
आर फैक्टर यानी, रिप्रोडक्शन रेट को आर वैल्यू कहा जाता है। यह एक गणितीय टर्म है, जो बताता है कि कोई वायरस कितना ज्यादा संक्रामक है। इसमें मामूली बदलाव भी काफी मायने रखता है। इससे यह पता लगाया जाता है कि एक व्यक्ति अन्य कितने लोगों को एक बार में संक्रमित करता है। यदि आर वैल्यू एक या इससे अधिक होती है तो यह चिंता का विषय होता है, जबकि एक से कम होने पर संक्रमण में कमी के संकेत होते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि आर वैल्यू एक है तो इसका मतलब है कि 100 व्यक्ति अन्य 100 लोगों को संक्रमित कर सकते हैं। यदि यह 0.70 है तो 100 व्यक्ति अन्य 70 लोगों को संक्रमित कर सकते हैं।
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ये है स्थिति

तारीख दैनिक मामले   संक्रमण दर

28            4044                8.60
26            7498               10.59
24            5760               11.79
22            11486             16.36
20            12306             21.48
18            11684             22.47
16            18286             27.87
14            24383            30.64
12            27561            26.22
10            19166             25
नोट : आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं और संक्रमण दर फीसदी में है।

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