सरकार की ओर से कोविड-19 की रोकथाम के लिए जारी नए दिशा निर्देश के तहत दिल्ली मेट्रो की सेवाएं शनिवार 29 जनवरी से पूर्व की समय सारिणी के अनुसार चलेगी। इससे मेट्रो में सफर करने वाले लाखों यात्रियों को खासी राहत मिलेगी।
कोराना की तीसरी लहर आने के बाद सप्ताहांत कर्फ्यू के दौरान ब्लू और येलो लाइन पर 15 मिनट के अंतराल, जबकि शेष सभी लाइनों पर 20 मिनट पर दूसरी मेट्रो उपलब्ध थी। हालात में सुधार होने के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने भी मेट्रो के फेरों के बीच अंतराल को पूर्व निर्धारित समय के अनुसार करने का निर्णय लिया है। यानी शनिवार से मेट्रो सेवाएं सामान्य हो जाएंगी। अब सौ फीसदी सीटों पर बैठने की क्षमता के साथ मेट्रो चलेंगी। मगर यात्रियों को खड़े होकर सफर करने की इजाजत नहीं दी गई है।
कोविड नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई भी होगी। किसी भी स्टेशन पर एक साथ यात्रियों की भीड़ न उमड़े इसलिए मौजूदा हालात के मुताबिक यात्रियों को प्रवेश की इजाजत दी जाएगी। पुल बंगश मेट्रो स्टेशन पर शुक्रवार सुबह भीड़ अधिक होने की वजह से चार-चार यात्रियों को स्टेशन में प्रवेश का मौका मिला। इससे न तो बाहर यात्रियों को अधिक इंतजार करना पड़ा और न अंदर भीड़ हुई।
डीएमआरसी के कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन) ने यात्रियों को सलाह दी है कि यात्रा में सहूलियत के लिहाज से आवागमन के लिए नियत समय से थोड़ा पहले स्टेशन पहुंचें।
केंद्रीय सचिवालय-उद्योग भवन स्टेशन पर शाम को मेट्रो सेवा होगी सामान्य
शनिवार को बीटिंग रिट्रीट समारोह के दौरान येलो लाइन पर दो स्टेशनों पर दो से शाम 6.30 बजे तक मेट्रो की सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी। इस दौरान केंद्रीय सचिवालय और उद्योग भवन पर यात्रियों को प्रवेश या निकास की सुविधा नहीं होगी। यात्रियों की सहूलियत के लिए इस दौरान केंद्रीय सचिवालय पर वायलेट और येलो लाइन के यात्रियों को मेट्रो इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
बीटिंग रिट्रीट समारोह के दौरान पहले ही येलो लाइन पर मेट्रो सेवाओं में बदलाव की गई घोषणा कर दी गई थी। येलो लाइन (हुडा सिटी सेंटर-समयपुर बादली) पर केंद्रीय सचिवालय और उद्योग भवन मेट्रो स्टेशनों पर मेट्रो सेवाएं दोपहर दो से शाम 6:30 बजे तक उपलब्ध नहीं रहेंगी।