बीते दो साल से देश कोरोना महामारी का सामना कर रहा है। इस संक्रामक रोग ने हर क्षेत्र को प्रभावित किया है लेकिन वायरस का सबसे अधिक जोखिम कैंसर रोगियों पर पड़ा है। इस बीमारी ने कैंसर रोगियों में खतरा 57 फीसदी तक बढ़ा दिया है। बृहस्पतिवार को विश्व कैंसर दिवस की पूर्व संध्या पर विशेषज्ञों ने कैंसर और महामारी को लेकर जानकारी साझा की।
पीएम को लिखा पत्र, कैंसर रोगियों को मिले पंचकर्म की सुविधा
आयुर्वेद विशेषज्ञ और पंचकर्म अस्पताल (प्रशांत विहार) के चिकित्सा अधीक्षक डॉ आरपी पाराशर का मानना है कि आयुर्वेद के जरिये भी कैंसर का उपचार संभव है। उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि अस्पतालों में कैंसर के सभी मरीजों को पंचकर्म चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिससे बहुत से मरीजों की जान तो बचेगी ही, कैंसर पर होने वाले खर्च को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
पंचकर्म चिकित्सा पद्धति शरीर को डिटॉक्सिफाई करने और शरीर के सेल्स को पुनर्जीवित करने का काम करती है, इसलिए पंचकर्म चिकित्सा कैंसर से बचाव और इलाज में महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकती है। नियमित रूप से उम्र के अनुसार साल में एक या दो बार पंचकर्म चिकित्सा लेने से शरीर डिटॉक्सिफाई हो जाएगा और शरीर में कैंसर के असामान्य सेल्स की वृद्धि नहीं होगी।