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दिल्ली में कोरोना: सरकार ने सभी अस्पतालों को सतर्क रहने के लिए कहा, सीएम केजरीवाल बोले- घबराने की जरूरत नहीं

Sat, 16 Apr 2022 01:45 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

सत्येंद्र जैन ने लोगों से जल्द से जल्द टीका लगवाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि घर से बाहर निकलते वक्त मास्क पहनकर निकलें। इसके अलावा एक्सई वेरिएंट को विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से वेरिएंट ऑफ कंसर्न की लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।
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अरविंद केजरीवाल - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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राजधानी में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि कोरोना पर सरकार नजर रखे हुए हैं। अस्पतालों में दाखिला नहीं बढ़ रहा है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि सरकार ने स्वास्थ्य सरंचना को दुरुस्त कर लिया है। साथ ही सभी अस्पतालों को सतर्क रहने को कहा गया है।

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उन्होंने कहा कि कोरोना को बढ़ने से रोकने के लिए दिल्ली सरकार टेस्ट, ट्रेस एवं ट्रीट के सिद्धान्त पर काम कर रही है। कोरोना मरीजों की कांटैक्ट ट्रेसिंग कर रही है। जरूरत पड़ने पर आरटी-पीसीआर टेस्टिंग की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

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सत्येंद्र जैन ने लोगों से जल्द से जल्द टीका लगवाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि घर से बाहर निकलते वक्त मास्क पहनकर निकलें। इसके अलावा एक्सई वेरिएंट को विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से वेरिएंट ऑफ कंसर्न की लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) कोरोना मामलों में बढ़ोतरी को लेकर 20 अप्रैल को बैठक करेगा, जिसमें आगामी रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी।

65 हजार बेड तैयार कर रही सरकार

मुख्यमंत्री के आदेश पर राज्य में करीब 37 हजार कोविड बेड और 10,594 कोविड आईसीयू बेड तैयार किए जा चुके हैं। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर सरकार की तरफ से दो सप्ताह के अंदर दिल्ली के हर वार्ड में 100 ऑक्सीजन बेड बढ़ाने की योजना बनाई गई है। ऐसे में दिल्ली सरकार की योजना 65 हजार बेड तैयार करने की है।

मामले बढ़ने पर होम आइसोलेशन व्यवस्था होगी लागू

कोरोना के मामले बढ़ने पर होम आइसोलेशन व्यवस्था को लागू किया जाएगा। वहीं, हल्के कोरोना लक्षणों वाले मरीजों को घर पर ही बेहतर उपचार मिलेगा। एएनएम, आशा, पैरामेडिकल कर्मचारियों के साथ सीडीवी की टीमें कोरोना संक्रमित मरीजों के घर जाकर उन्हें होम आइसोलेशन में रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने के बारे में सूचित करेगी। इस दौरान टीमें ऑक्सीमीटर के साथ होम आइसोलेशन किट मुहैया कराएगी। टेली-कॉलर टीमें सुबह और शाम फोन कर मरीज की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेंगी।

ऑक्सीजन क्षमता में किया इजाफा

वर्तमान में दिल्ली सरकार के पास लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन स्टोरेज (एलएमओ), लिक्विड  मेडिकल ऑक्सीजन बफर, पीएसए प्लांट समेत 1363.73 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की क्षमता है। वहीं, मेडिकल संस्थानों के पास 217 मीट्रिक टन तक ऑक्सीजन सिलिंडर की क्षमता है। इसके अलावा इमरजेंसी में उपयोग के लिए छह हजार डी- टाइप के सिलिंडर रिजर्व में रखे गए हैं।

जल्द लोगों को मिलेगी मुफ्त एहतियाती खुराक

दिल्ली सरकार की तरफ से सरकारी अस्पतालों में लोगों को जल्द ही एहतियाती खुराक मुफ्त में लगाई जाएगी। संक्रमण की दर में तेजी आने पर डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी न हो, इसके लिए विशेषज्ञों डॉक्टरों के साथ-साथ मेडिकल छात्रों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को कोविड मैनेजमेंट की विशेष ट्रनिंग दी गई है।
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मनीष सिसोदिया ने कहा विशेष परिस्थितियों में ही बंद करने चाहिए स्कूल

राजधानी के स्कूलों में कोरोना के मामले सामने आने के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि स्कूल या कक्षाओं के जिस हिस्से मेें संक्रमित मिले, उसे अस्थायी रूप से बंद कर देना चाहिए। पूरे स्कूल को विशेष परिस्थितियों में ही बंद करना चाहिए। दिल्ली में कोविड की स्थिति की समीक्षा के लिए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की 20 अप्रैल को बैठक बुलाई गई है।

सिसोदिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने स्कूलों को बंद करने के लिए नहीं कहा है। सरकार के दिशा-निर्देश कहते हैं कि जहां कोई कोरोना संक्रमित पाया गया हो, उसके किसी खास हिस्से या कक्षा को अस्थायी रूप से बंद किया जाना चाहिए। उन्हीं विशेष परिस्थितियों में पूरी तरह से बंद करने का फैसला ले सकते हैं, जब स्कूल के कई हिस्सों में संक्रमित होने के मामले ज्यादा हों। मालूम हो कि बीते दो दिन पहले शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को एडवाइजरी जारी कर कहा था कि यदि किसी छात्र या अध्यापक के संक्रमित होने का मामला सामने आता है तो पूरे हिस्से को बंद किया जाना चाहिए। विद्यार्थी, अध्यापक और अन्य स्टाफ मास्क लगाए और सामाजिक दूरी का पालन करें।
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