रोहिणी स्थित एमआरजी स्कूल की प्रिंसिपल अंशु मित्तल ने कहा कि वह कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय कर रही हैं। इसके तहत कक्षाओं की निरंतर सफाई और कीटाणुरहित करना, शारीरिक दूरी व गतिविधियों के लिए खुले स्थानों का उपयोग करना जैसे उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों और स्टाफ प्रशासन के अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। माता-पिता की चिंताओं को दूर करने और शिक्षार्थियों के मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक कल्याण की देखभाल करने के लिए परामर्शदाता की अध्यक्षता में वेलनेस स्टाफ हमेशा उपलब्ध रहता है।
शालीमार बाग स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल अलका कपूर के मुताबिक, पूरे स्कूल को बंद करना अब कोई विकल्प नहीं है। अब तक स्थिति बहुत चिंताजनक नहीं है। हम बंद से बचने के लिए हर संभव सावधानी बरत रहे हैं। लेकिन, अगर सरकार ऐसा कोई फैसला लेती है तो हमें उसका सकारात्मक जवाब देना होगा। सभी छात्रों और कर्मचारियों को मास्क पहनना चाहिए। स्कूलों और सरकार द्वारा दिए गए नियमों का पालन करना चाहिए। हमें उन्हें नियमित रूप से हाथ धोने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और प्रत्येक छात्र के बैग में कम से कम एक बोतल सैनिटाइजर जरूर होनी चाहिए। इन सभी सावधानियों से हम संभावित खतरों से बच सकते हैं।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को कहा था कि राजधानी में कोरोना के मामले भले ही बढ़ रहे हों, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि अस्पताल में भर्ती होने की संख्या कम है। महामारी के कारण दो साल के अंतराल के बाद स्कूल पूरी तरह से ऑफलाइन चल रहे हैं।