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एनएचआरसी: जम्मू कश्मीर में नकली दवा पीने से 12 बच्चों की मौत के मामले में परिजनों को 36 लाख का मुआवजा

Sat, 30 Apr 2022 06:20 AM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

आयोग ने कहा, यह देखा गया कि विभाग अपने अधिकार क्षेत्र में बेची जाने वाली दवा के संदूषण और सामग्री पर नियमित निगरानी रखने में विफल रहा है।
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विस्तार
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जम्मू कश्मीर के उधमपुर में नकली कफ सिरप के सेवन से 12 बच्चों की मौत के मामले में आखिरकार प्रशासन ने परिजनों को 36 लाख रुपये की राहत राशि का भुगतान किया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की सिफारिशों पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यह कदम उठाया। एनएचआरसी ने कहा कि यह घटना दिसंबर 2019 और जनवरी 2020 के दौरान उधमपुर के रामनगर में हुई थी।

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एनएचआरसी ने बयान में कहा कि आयोग ने 30 अप्रैल, 2020 की एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। इसमें कहा गया, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सिफारिशों पर, जम्मू कश्मीर प्रशासन ने आखिरकार उन 12 शिशुओं के परिजनों को 36 लाख रुपये की राहत राशि का भुगतान किया है, जिनकी खांसी की दवाई पीने से मौत हो गई थी, बाद में पाया गया कि दवा नकली थी।

आयोग ने सरकार की दलील को किया खारिज
बयान के मुताबिक, आयोग के नोटिस के जवाब में जम्मू कश्मीर प्रशासन ने कहा था कि उसके औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से किसी भी तरह के लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं थी, गुणवत्ता वाली दवाओं का निर्माण मुख्य रूप से निर्माण कंपनी और विभाग की जिम्मेदारी है। पहले ही सक्षम अदालत में इसके खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। 
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आयोग ने दलील को अस्वीकार्य पाया और देखा कि मामले में चूक से इनकार नहीं किया गया था, लेकिन औषधि विभाग जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता था। आयोग ने कहा, यह देखा गया कि विभाग अपने अधिकार क्षेत्र में बेची जाने वाली दवा के संदूषण और सामग्री पर नियमित निगरानी रखने में विफल रहा है। इसलिए राज्य लापरवाही के लिए प्रत्येक पीड़ित परिवार को 3 लाख रुपये की मौद्रिक राहत के भुगतान के लिए जिम्मेदार है।

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