मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को एक बार फिर घर-घर राशन योजना की फाइल फिर से उपराज्यपाल को भेजी। केजरीवाल ने साथ में एक पत्र लिखा जिसमें उन्होंने कहा कि हमारी योजना कानून के मुताबिक सही है। यह योजना केंद्र सरकार के आदेशों का पालन करने के लिए लाई गई है।
विज्ञापन
करोना काल में इस योजना को रोकना गलत है। उन्होंने लिखा कि पिछले तीन साल में चार बार उपराज्यपाल को घर-घर राशन योजना की कैबिनेट निर्णय की जानकारी दी गई, लेकिन उन्होंने कभी इसका विरोध नहीं किया। आपने फरवरी महीने में इस योजना को लागू करने के नोटिफिकेशन का भी विरोध नहीं किया।
आपको ये जानकारी थी कि स्कीम को मंजूरी मिल गयी है और अब यह लागू करने के कगार पर थी। केंद्र सरकार ने इसपर जितनी आपत्ति जताई सब ठीक कर दी गई। पांच बार सुनवाई के बावजूद हाई कोर्ट ने इस योजना पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई। अदालत में केंद्र ने कभी कोई अप्रूवल के बारे में नहीं बताया, फिर इस योजना को क्यों रोका जा रहा है?