इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले एक आरोपी को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने पकड़ लिया। आरोपी के पास से दो फर्जी पहचान पत्र, मोबाइल फोन सहित अन्य सामान मिले। मोबाइल फोन की जांच के दौरान एक पीड़ित का पता चला, जिसने नौकरी का झांसा देकर 9 लाख की ठगी करने का आरोप लगाया। सीआईएसएफ के जवानों ने आरोपी को आईजीआई थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस आरोपी के खिलाफ ठगी और फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
सीआईएसएफ के प्रवक्ता अपूर्व पांडेय ने बताया कि 31 जुलाई की सुबह करीब 11 बजे हवाई अड्डा पर मौजूद सीआईएसएफ की निगरानी दस्ते ने टर्मिनल तीन पर एक युवक को संदिग्ध हालत में घूमते हुए देखा। शक होने पर जवानों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। लेकिन युवक संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाया। तलाशी के दौरान जवानों को युवक के पास से दो पहचान पत्र मिला। एक नागरिक उड्डयन मंत्रालय और दूसरा भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के हवाई यातायात नियंत्रण सेवा का था। उसके पास से एक आधार कार्ड मिला। जिससे आरोपी की पहचान डाबड़ी निवासी आकाश बाबू के रूप में हुई।
जवानों ने उसके फोन कॉल डिटेल को खंगाला। जिसमें इंडसलैंड बैंक के एटीएम कर्मचारी मोहम्मद वाजिद का नंबर मिला। बातचीत करने पर उसने आरोपी की पहचान आऊकाश बाबू के रूप में की और बताया कि आरोपी ने उससे हवाई अड्डा पर नौकरी दिलाने के नाम पर 9 लाख रुपये की ठगी की है। पूछताछ करने पर आकाश ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। सीआईएसएफ के जवानों ने आरोपी को आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ कर अब तक किए गए ठगी के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है।