नई दिल्ली। फर्जी दस्तावेज के जरिये खुद को मालिक बता राजपुर रोड स्थित चर्च की संपत्ति 50 करोड़ में बेचने वाले यूपी में बांदा के सेंटपॉल चर्च कंपाउंड, सिविल लाइंस निवासी शोरल बॉबी दास (63) को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गिरफ्तार किया है। उसका एक सहयोगी पहले ही गिरफ्तार हो चुका है।
शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि वीमेंस क्रिश्चियन टेंपरेंस ऑफ इंडिया, 24 राजपुर रोड सिविल लाइंस की अध्यक्ष सुलोचना प्रकाश ने वर्ष 2007 में शिकायत दी थी। उन्होंने कहा था कि वे चर्च की संपत्ति की वास्तविक मालिक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रमेश चंदर अग्रवाल ने सुनील कुमार और अजय गुप्ता के साथ मिलकर साजिश रची और फर्जी दस्तावेज के जरिये खुद संपत्ति का मालिक होने का दावा कर रहे हैं। उनके मुताबिक, इंडियन चर्च ट्रस्टी या रमेश चंदर अग्रवाल या सुनील कुमार को संपत्ति का कोई भी हिस्सा न बेचा गया और न ही हस्तांतरित किया गया है। सिविल लाइंस थाने में दर्ज शिकायत ईओडब्ल्यू में भेज दी गई।
जांच में पता चला कि 6 अप्रैल 2005 को सह-आरोपी जॉन ऑगस्टीन ने शोरल बॉबी दास को जीपीए के जरिए आईसीटी चर्च ऑफ इंडिया और सीआईपीबीसी की सभी चल और अचल संपत्तियों का अटॉर्नी धारक बनाया था। जॉन ऑगस्टीन को इंडियन चर्च ट्रस्टी का कभी भी चेयरमैन नहीं बनाया गया था। इसलिए आगे हस्तांतरित सभी जीपीए फर्जी हैं। जांच में पता चला कि आरोपी ने साथियों संग राजपुर रोड स्थित चर्च की संपत्ति बेचने के लिए आपराधिक साजिश रची। 1.27 एकड़ की संपत्ति की कीमत 50 करोड़ से अधिक थी। उसने खुद के मालिक होने का दावा करने के लिए संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार किए। जांच के बाद पुलिस ने जॉन को गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद से ही बॉबी फरार था। पुलिस को उसके बांदा में होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने 14 अक्तूबर को उसे बांदा के सिविल लाइंस इलाके से गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि वह बांदा के सिविल लाइंस स्थित सेंट पॉल चर्च परिसर के कुछ क्षेत्र में अवैध कब्जा कर रहा था।