निया ने मीना की मदद से बच्चे को 28 मई को गाजियाबाद के प्रताप विहार स्थित एक आईवीएफ सेंटर में पांच लाख रुपये में बेच दिया था। इसके बाद आरोपी विनीत, नीतू, सोनिया और बच्चे को ऑटो से नेहरू नगर, गाजियाबाद ले गए थे।
नई दिल्ली के दक्षिण जिले की मैदानगढ़ी थाना पुलिस ने बच्चों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में छह महिलाएं हैं। तीन दिन के बच्चे को खरीदने वाले आरोपियों के 17 वर्ष के बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। जब आईवीएफ तकनीक से उन्हें बच्चा नहीं मिला तो उन्होंने बच्चा खरीदने का फैसला किया।
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दक्षिण जिला डीसीपी बेनीटा मेरी जैकर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान खारक गांव सतबड़ी निवासी नीतू, संगम विहार निवासी सोनिया व विनीत, तालिबान बस्ती, आनंद पर्वत निवासी मीना, याशीन गढ़ी डासना, गाजियाबाद निवासी मोनी बेगम, गुलमोहर एन्क्लेव निवासी रेखा अग्रवाल साईंकुंज भोंडसी गुरुग्राम निवासी पिंकू देवी व दिग्विजय सिंह के रूप में हुई।
मैदानगढ़ी थाना पुलिस ने दिल्ली महिला आयोग की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर इंस्पेक्टर संदीप मलिक की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस टीम खारक गांव पहुंची वहां नीतू से मुलाकात हुई। नीतू ने बताया कि उसने अपने तीन दिन के बच्चे को बेचा है। पुलिस को नीतू व उसकी सहयोगी के बारे में जानकारी मिली।
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पुलिस को पता चला कि 25 अक्तूबर की रात मालवीय नगर स्थित मदन मोहन अस्पताल में नीतू ने एक बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद 27 अक्तूबर को अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर सोनिया उसे अपने संगम विहार स्थित घर ले गई। सोनिया ने मीना की मदद से बच्चे को 28 मई को गाजियाबाद के प्रताप विहार स्थित एक आईवीएफ सेंटर में पांच लाख रुपये में बेच दिया था।
इसके बाद आरोपी विनीत, नीतू, सोनिया और बच्चे को ऑटो से नेहरू नगर, गाजियाबाद ले गए थे। पुलिस ने इन सभी आरोपियों को एक-एक करके सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद बच्चे को आरोपी दिग्विजय और पिंकू देवी के घर से बरामद कर लिया।