नई दिल्ली। छठ पूजा के आयोजन की इजाजत भले मिल गई है, लेकिन यह यमुना किनारे नहीं, बल्कि कृत्रिम घाट पर होगी। राजस्व विभाग अलग-अलग जगहों की पहचान कर एमसीडी, डीडीए और दूसरी एजेंसियों की मदद से पूजा घाट तैयार करेगा। दूसरी तरफ, सिनेमा हॉल, थिएटर और मल्टीप्लेक्स 100 फीसदी क्षमता के साथ खुलेंगे। शादियों और अंत्येष्टि में 200 लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने इस बारे में आदेश जारी कर दिया है। यह 31 अक्तूबर की मध्य रात्रि से लागू होगा।
डीडीएमए ने अपने आदेश में कहा है कि इस साल चिह्नित स्थानों पर छठ पूजा होगी। यमुना के किसी भी घाट पर छठ पूजा का आयोजन नहीं होगा। हर जिला मजिस्ट्रेट अपने इलाके में एमसीडी, डीडीए, डीजेबी, डीपीसीसी, वन विभाग, सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग जैसी एजेंसियों की मदद से घाटों का विकास करेगा। यहीं सार्वजनिक तौर पर पूजा का आयोजन होगा। डीएम गैर कंटेनमेंट जोन और निर्दिष्ट स्थलों पर ही आयोजन की अनुमति देंगे। जिला मजिस्ट्रेट नामित स्थलों पर पूजा आयोजन के लिए सरकारी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
एमसीडी समेत सभी संबंधित एजेंसियां पूजा के बाद वहां मौजूद सारी सामग्री एकत्र कर उसका सही तरीके से निपटान करेंगी। कोई भी छठ व्रती पूजा सामग्री, खाना, तेल समेत दूसरी कोई चीज यमुना मेें नहीं फेंक सकेगा। इसे रोकने की जिम्मेदारी जिले के पुलिस उपायुक्त की होगी।
दूसरी ओर, राजधानी में सिनेमा हॉल, थिएटर और मल्टीप्लेक्स 1 नवंबर से पूरी क्षमता के साथ खोले जा सकते हैं। इनके मालिक परिसर में कोरोना नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए जिम्मेदार होंगे। वे कोविड की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन कराएंगे। डीडीएमए ने सभी अधिकृत साप्ताहिक बाजारों को भी एक नवंबर से फिर खोलने की अनुमति दे दी है। अब तक एमसीडी के एक जोन में एक बाजार खोलने की इजाजत थी। सरकार के इस फैसले से त्योहारों के दौरान पटरी दुकानदारों को बड़ी राहत मिलेगी।
साथ ही, डीडीएमए ने शादियों में शामिल होने वाले लोगों की संख्या बढ़ा दी है। अब 200 लोगों के साथ बरात निकल सकती है। अब तक यह आंकड़ा 100 था। दूसरी तरफ, अंतिम संस्कार में भी 200 लोगों को शामिल होने की इजाजत दे दी गई है।
उधर, प्रदेश भाजपा ने डीडीएमए के यमुना किनारे छठ पूजा नहीं करने देने के आदेश द्मड्ड छठ उपासकों की भावनाओं से खिलवाड़ करार दिया है। उसने मांग की है कि डीडीएमए इस अव्यावहारिक निर्णय पर पुनर्विचार करे।
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हिंदू विरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने यमुना किनारे छठ पूजा पर प्रतिबंध लगाकर पूर्वांचलियों की आस्था से खिलवाड़ किया है। इससे अरविंद केजरीवाल की हिंदू विरोधी नीति सामने आ रही है। यमुना किनारे छठ पूजा की अनुमति नहीं देनी थी तो स्वीकृति देने का नाटक क्यों किया। उधर, प्रदेश महामंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि पल्ला से ओखला तक फैले दर्जनों छठ घाटों का विकल्प बनाना खुद सरकार के लिए भी कठिन है। यह विडंबना है कि मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री के डीडीएमए की बैठकों में सम्मलित होने के बावजूद बार-बार छठ उपासकों की भावनाओं से खिलवाड़ हो रहा है।