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दिल्ली: यमुना के जहरीले झाग में छठ व्रतियों ने लगाई डुबकी, कुमार विश्वास ने बिना नाम लिए साधा निशाना, इस राज्य पर कसा तंज

Tue, 09 Nov 2021 06:43 PM IST
सुशील कुमार कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कुमार विश्वास ने ट्वीट कर कहा कि भगीरथ जी स्वर्ग से गंगा, बादलों के जिस मार्ग से उतार कर लाए थे 'लघुकाय-लंपट' जी, यमुना जी को उसी रास्ते दिल्ली ले आएं हैं, और वो भी 'मुफ़्त'
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कवि कुमार विश्वास। - फोटो : कुमार विश्वास के ट्विटर से
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विस्तार
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दिवाली के बाद से दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा बेहद खराब हो गई है। यमुना में भी प्रदूषण की मात्रा काफी बढ़ गई है। पिछले दो-तीन दिनों से यमुना में अमोनिया की मात्रा में इजाफा हुआ है। नदी में सफेद-सफेद झाग बड़े पैमाने पर तैरते हुए देखे जा रहे हैं। 

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वहीं, छठ मनाने के लिए व्रतियों को यमुना में जहरीले झाग के बीच जाकर पूजा करनी पड़ रही है। व्रतियों ने सोमवार को जहरीले झाग के बीच खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य देने को मजबूर हुए। व्रती महिला का कहना है कि हम जानते हैं कि यमुना नदी का पानी गंदा है और यह हमारे लिए खतरनाक हो सकता है। लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि सूर्य देव को अर्घ्य नदी के बहते जल के बीच खड़े होकर दिया जाता है। 
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इस बार वायु-प्रदूषण की जिम्मेदारी हरियाणा के किसानों पर 
इस बीच कवि कुमार विश्वास इसको लेकर ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुमार विश्वास ने ट्वीट कर कहा कि भगीरथ जी स्वर्ग से गंगा, बादलों के जिस मार्ग से उतार कर लाए थे 'लघुकाय-लंपट' जी, यमुना जी को उसी रास्ते दिल्ली ले आएं हैं, और वो भी 'मुफ़्त' (और हां, इस बार वायु-प्रदूषण की जिम्मेदारी हरियाणा के किसानों पर रहेगी, पंजाब वालों पर नहीं, क्यूोंकि वहां कुछ महीनों में चुनाव है।

दिल्ली को एक और 'फ्री' सुविधा के लिए बधाई
वहीं इससे पहले सोमवार को एएनआई के यमुना में तैरते झाग की वीडियो को ट्वीट कर कहा कि दिल्ली को एक और 'फ्री' सुविधा के लिए बधाई। अब तो यमुना में बादल भी उतार दिए, गली-गली मुफ़्त का नरक कोविड के दौरान दिखा ही दिया था। टैक्सपेयर्स के पैसे पर टीवी में कालनेमि-लाइव देखा ही होगा। अब पंजाब में यही कौशल दिखाने का अवसर दें। 'स्वराज-शिरोमणि लघुकाय आत्ममुग्ध धूर्तेश्वर' को।

कौन राह निकालेगा?
उन्होंने बिना किसी का नाम लिए बगैर यमुना की भयावह स्थिति को लेकर निशाना साधा। इससे पहले दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सरकार पर हमला किया था। उन्होंने अपने पुराने ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा था कि हर साल और ज्यादा भयावहता के साथ सामने आ जाता है, 999 एक्यूआई? हर बात पर राजनीति, हर बात पर धर्म-जाति-वोट, एक दूसरे पर दोष। कौन राह निकालेगा? सारे रहनुमा तो अपनी-अपनी वोट की चिंता में लगे हैं। हमारी हवा छीनकर अपनी हवा बनाने में लगे हैं छोटे-बड़े सरकार। 
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सीने में जलन, आंखों में तूफ़ान सा क्यूं हैं?
तीन साल पहले उन्होंने ट्वीट किया था कि सीने में जलन, आंखों में तूफ़ान सा क्यूं हैं? गला बेहद खराब हो गया है, एनसीआर में फैले प्रदूषण के कारण आंख-नाक से पानी बह रहा है, खांसी ने कब्जा शुरू कर दिया है! पता नहीं 'हम-आप-व्यवस्था' कौन ज़िम्मेदार है पर ‘हवा’ जैसी जरूरी चीज भी इस लोकतंत्र में न मिले तो कहां जाएं? 

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