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Central Vista : सांस्कृतिक विविधताओं से भरा होगा नया संसद भवन, देखरेख के लिए बनाई गईं तीन समितियां

Mon, 26 Sep 2022 04:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा अतुल सिन्हा, नई दिल्ली

सार

Central Vista : सेंट्रल विस्टा के तहत बन रही हमारी नई संसद में कला और संस्कृति की अद्भुत झलक देखने को मिलेगी। नए संसद भवन की भीतरी दीवारों पर वेद पुराण के श्लोक बेहद खूबसूरत और कलात्मक शैली में खुदे मिलेंगे।
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सेंट्रल विस्टा परियोजना - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सेंट्रल विस्टा के तहत बन रही हमारी नई संसद में कला और संस्कृति की अद्भुत झलक देखने को मिलेगी। नए संसद भवन की भीतरी दीवारों पर वेद पुराण के श्लोक बेहद खूबसूरत और कलात्मक शैली में खुदे मिलेंगे। आपको जगह जगह बड़े बड़े इंस्टालेशन, कलाकृतियां और देश के अलग अलग हिस्सों की लोक और पारंपरिक कलाओं की झांकी मिलेगी। 

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इस नए भवन की कलात्मक साज सज्जा का काम मुख्य रूप से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए) और नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए) को सौंपा गया है। एनजीएमए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी बताते हैं कि नए संसद भवन की पूरी परिकल्पना हमने कुछ इस तरह की है ताकि अपने देश की कला और संस्कृति को करीब से समझा और महसूस किया जा सके। इसके लिए वह लगातार वहां जाकर कामकाज और साज सज्जा का निरीक्षण करते हैं और उनकी कोशिश है कि तय वक्त पर ये काम पूरा हो सके।

देखरेख के लिए बनाईं तीन समितियां
कक्षों और गलियारों को खूबसूरत बनाने के लिए संस्कृति मंत्रालय ने तीन समितियां बना दी हैं। इनमेंं से एक सलाहकार समिति है जिसे शोधपरक तरीके से आर्ट इंस्टॉलेशन का काम सौंपा गया है जबकि दो समितियां डॉ सच्चिदानंद जोशी और संस्कृति सचिव गोविंद मोहन की अगुवाई में काम कर रही हैं। गोविंद मोहन की समिति में भरतनाट्यम की मशहूर हस्ती पद्मा सुब्रह्मण्यम, वास्तुविद के के मोहम्मद और प्रसार भारती के पूर्व अध्यक्ष ए सूर्यप्रकाश जैसे लोग शामिल हैं जबकि सच्चिदानंद जोशी की समीति में इतिहासकार गौरी कृष्णन और एनजीएमए के महानिदेशक अद्वैत गणनायक जैसे कलाकार शामिल हैं।
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लोक कलाओं को उचित जगह मिल रही...
डॉ. सच्चिदानंद जोशी कहते हैं, कलाकारों के कामों को यहां सहेजा और रखा जा रहा है, साथ ही कलात्मकता के साथ साथ लोक शैलियों की कलाओं को भी उचित जगह दी जा रही है। यह संसद भवन कलात्मक रूप से अपने आप में ऐतिहासिक बनने जा रहा है। यहां वेद से लेकर योग, उपनिषद्, सूफी, कबीरपंथ और अनेकता में एकता को सामने लाने वाली अपनी अद्भुत सांस्कृतिक परंपरा की हर झलक आपको मिल जाएगी।

बरगद को भी दी गई जगह
नए संसद भवन में हमारे तीन राष्ट्रीय प्रतीकों को बेहद संजीदगी और खूबसूरती के साथ पेश किया जा रहा है। लोकसभा कक्ष का थीम है राष्ट्रीय पक्षी मोर, राज्यसभा के कक्ष को राष्ट्रीय फूल कमल की पृष्ठभूमि में बनाया जा रहा है जबकि संसद के केंद्रीय कक्ष और आंगन में राष्ट्रीय पेड़ बरगद को जगह दी गई है। 

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