भाटी माइंस इलाके में पादरी से मारपीट करने व जय श्री राम के नारे लगवाने के लिए मजबूर करने के मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। पादरी ने 28 फरवरी को शिकायत दी थी कि भीड़ ने धर्म परिवर्तन करवाने का आरोप लगाकर उसके साथ मारपीट की। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। घटनास्थल व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों अनुसार 35 वर्षीय पादरी केलेम कल्याण टेट (35) ने शिकायत में कहा था कि 25 फरवरी को दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके में उसके साथ मारपीट कई गई। पिछले 18 साल से दक्षिणी दिल्ली के असोला में रह रहे टेट ने कहा कि 15 साल पहले भी संजय कॉलोनी में कुछ लोगों ने उन्हें निशाना बनाया था।
25 फरवरी को भाटी माइंस इलाके में धर्म परिवर्तन का आरोप लगाकर भीड़ ने उसे पीटा। आरोपी उसकी मोटरसाइकिल के दस्तावेज सहित अन्य महत्वपूर्ण कागजात भी ले गए। पादरी ने ये भी आरोप लगाया है कि उसे डिवाइडर पर लगी रैलिंग से बांधकर पीटा गया और हाथ-पैर तोड़ने की धमकी दी। आरोपियों ने जबरदस्ती कार में बैठा लिया और कहा कि उसे मैदान गढ़ी पुलिस स्टेशन ले जा रहे हैं, लेकिन फतेहपुरबेरी चौक ले गए। कुछ लोगों ने उसे जय श्रीराम के नारे लगाने के लिए मजबूर किया।
घटना का वीडियो वायरल वायरल वीडियो में पादरी को पीटते हुए साफ देखा जा सकता है। पुलिस ने कहा कि टेट ने आरोप लगाया कि भीड़ में मौजूद लोगों ने उसकी बाइबिल छीन ली और फाड़ने की कोशिश की। दक्षिण जिला डीसीपी बेनीटा मेरी जैकर ने बताया कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धारा 365 (गुप्त रूप से और गलत तरीके से व्यक्ति को बंधक बनाने के इरादे से अपहरण करना ), 323 (मारपीट करना), 341 (गलत मंशा से रास्ता रोकना) और 34(दो से अधिक) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
वीडियो बनाते रहे, कोई बचाने नहीं आया
टेट ने कहा है कि 100 से ज्यादा लोग मूकदर्शक बने रहे। कोई बचाने नहीं आया। लोग वीडियो बनाते रहे। आरोपियों ने स्कूल से लौट रहे छात्रों को जय श्री राम के नारे लगाने के लिए उकसाने की भी कोशिश की। उसके साथ करीब 45 मिनट तक मारपीट की गई। हाथों की रस्सियां ढीली होने के बाद वह किसी तरह भागने में सफल रहा। पीड़ित ने शिकायत में ये भी कहा है कि वह आरोपियों ने पूछता रहा कि उसने क्या गलत किया है, लेकिन वे उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे।