आर्थिक अपराध शाखा ने बैंक से 29 करोड़ की धोखाधड़ी में कार शोरूम संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एचडीएफसी बैंक और बीएमडब्ल्यू फाइनेंस से कर्ज लेकर हेराफेरी की थी। आरोपी की पहचान जनकपुरी निवासी विकास चावला के रूप में हुई है। जनकपुरी में मेसर्स ऑटो वेब परफॉर्मेंस कार प्राइवेट लिमिटेड के नाम से हुंडई कार शोरूम चलाता था। छानबीन में पता चला कि आरोपी को हजरतगंज लखनऊ पुलिस यूपीपीसीएल पीएफ घोटाले में गिरफ्तार कर चुकी है। बाद में इस मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दिया गया था।
आर्थिक अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 में एचडीएफसी बैंक ने विकास चावला के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था विकास की कंपनी मेसर्स ऑटोवेब परफॉर्मेंस कार प्राइवेट लिमिटेड ने बैंक से क्रेडिट सुविधा ली थी।
उसने वाहनों की खरीद के लिए 15 करोड़ और स्पेयर पार्ट्स खरीदने के लिए 1.5 करोड़ लिए थे। विकास ने बीएमडब्ल्यू फाइनेंशियल के पास वाहनों को गिरवी रखकर 12.5 करोड़ रुपये ले लिए। गिरवी रखे वाहनों से प्राप्त राशि को एचडीएफसी बैंक के खाते में जमा कराना आवश्यक था। लेकिन आरोपी ने खाते में रुपये जमा नहीं कराए। उसकी कंपनी के खाते में सिर्फ 2.35 करोड़ रुपये मिले।
जांच के दौरान बीएमडब्ल्यू फाइनेंशियल सर्विस लिमिटेड की ओर से भी आर्थिक अपराध शाखा को शिकायत मिली। जांच में पता चला कि आरोपी ने एचडीएफसी बैंक का फर्जी स्टेटमेंट बीएमडब्ल्यू फाइनेंशियल सर्विस लिमिटेड को सौंपा था। जिससे यह दिखाया जा सके कि उनसे प्राप्त रुपये का इस्तेमाल एचडीएफसी बैंक के माध्यम से भुगतान करके वाहनों की खरीद के लिए किया जा सके।
फर्जीवाड़ा का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जनकपुरी स्थित आवास पर दबिश दी। लेकिन वह वहां नहीं मिला। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने शनिवार को आरोपी को ओल्ड राजेंद्र नगर से गिरफ्तार कर लिया।