लॉकडाउन के दौरान कारोबार में नुकसान होने पर नामी कंपनी के पैकिंग में नकली मोबिल ऑयल बेचने वाले कारोबारी को बाहरी दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिला अन्वेषण इकाई ने कारोबारी को नामी कंपनी का नकली स्टिकर बेचने वाले शख्स को भी गिरफ्तार किया है।
इनके कब्जे से पुलिस ने 820 एक लीटर का बोतल, 18667 स्टीकर, 617 खाली बोतल, 1600 बोतल का कैप और नकली मोबिल ऑयल बरामद किया हैं। जिला पुलिस उपायुक्त परविंदर सिंह ने बताया कि कैस्ट्रॉल इंडिया लिमिटेड कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि हरि राम ने बाहरी दिल्ली पुलिस को उनकी कंपनी के पैकिंग में नकली मोबाइल ऑयल बेचे जाने की जानकारी दी। शिकायत पर जिला अन्वेषण इकाई ने जांच शुरू की।
पुलिस की टीम निरीक्षक धनंजय गुप्ता के नेतृत्व में सोमवार को नांगलोई के स्वर्ण पार्क के एक इमारत में छापेमारी की। जहां से पुलिस ने कैस्ट्रॉल के नकली दिखने वाले सामानों को भारी मात्रा में कब्जे में लिया। पुलिस ने कॉपी राइट एक्ट के तहत मामला दर्ज कर फैक्टरी के मालिक पश्चिम विहार निवासी विशि(36) को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कारोबारी ने बताया कि वह ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली फैक्टरी को तेल सप्लाई करता था। कोरोना महामारी की वजह से लॉकडाउन होने पर उसे व्यापार में काफी घाटा हुआ। उसके बाद उसने मुनाफा कमाने के लिए कैस्ट्रॉल की पैकिंग में नकली मोबिल ऑयल को भरकर उसे बेचने लगा। फैक्टरी के मालिक की निशानदेही पर पुलिस ने मुंडका से किशोर कुमार सिंह को गिरफ्तार किया।