- दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय को दाखिला प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया, छात्रों को 10 दिनों की दी मोहलत
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी के छात्रों को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में दाखिले का मौका मिला है। हाईकोर्ट ने बीपीएल छात्रों को फीस समय पर जमा न कर पाने के बावजूद दाखिला प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने छात्रों को 10 दिनों के भीतर फीस जमा करने की मोहलत दी है।
न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की एकलपीठ ने मामले में फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा, विशेष परिस्थितियों को देखते हुए छात्रों को राहत दी जा रही है, लेकिन यह आदेश अन्य मामलों के लिए मिसाल नहीं बनेगा। याचिकाकर्ता दो बीपीएल छात्र हैं, जिनमें से एक नाबालिग ईशा तंवर भी शामिल हैं। दोनों ने 2025-26 सत्र के लिए डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में बीए (ऑनर्स) इंग्लिश विद हिस्ट्री (माइनर) कोर्स में दाखिला पाया था। लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे निर्धारित समय सीमा के अंदर फीस जमा नहीं कर पाए। याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट गौतम सिंह ने तर्क दिया कि छात्रों का बीपीएल श्रेणी में होना और ओपन लर्निंग कोर्स होना विशेष परिस्थिति है। उन्होंने फीस जमा करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की। दूसरी ओर, डीयू ने समय सीमा बढ़ाने का विरोध किया।
कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा, याचिकाकर्ताओं ने 2025-26 सत्र के लिए बीए (ऑनर्स) इंग्लिश विद हिस्ट्री (माइनर) कोर्स में दाखिले के लिए योग्यता हासिल की है और उन्हें दाखिला ऑफर किया गया है। साथ ही, वे बीपीएल श्रेणी के हैं और कोर्स ओपन लर्निंग के माध्यम से है। इसलिए, इस याचिका को स्वीकार किया जाता है और याचिकाकर्ताओं को आज से 10 दिनों के भीतर फीस जमा करने की अनुमति दी जाती है। यदि फीस 10 दिनों में जमा हो जाती है, तो प्रतिवादी नंबर 1 (डीयू) दाखिले की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करेगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश इस मामले की विशेष तथ्यों को ध्यान में रखकर पारित किया गया है और इसे अन्य समान मामलों में मिसाल के तौर पर नहीं लिया जाएगा।