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दिल्ली : भाजपा का अनिश्चितकालीन धरना घंटे भर में खत्म. कहा- मौसम खराब है

Mon, 18 Oct 2021 05:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा  अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में मौसम का हवाला देकर भाजपा नेताजी ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर खत्म किया अपना धरना।
 
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भाजपा का धरना... - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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किसानों के समर्थन में भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री निवास के समीप अनिश्चित कालीन धरना देने का एलान तो किया लेकिन यह धरना एक घंटे भी नहीं टिक पाया। खराब मौसम का हवाला देकर धरना दे रहे विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन देकर धरना वापस ले लिया। बिधूड़ी ने कहा कि खराब मौसम के कारण धरना खत्म कर रहे है। 

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किसानों की मांग को लेकर भाजपा ने दिल्ली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने प्रदेश किसान मोर्चा के अध्यक्ष विनोद सहरावत के साथ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निवास के बाहर सोमवार को यह कहते हुए धरने पर बैठ गए कि जबतक सरकार किसानों को न्याय नहीं देती तबतक धरना जारी रखेंगे। हालांकि यह धरना दो घंटा भी नहीं चला और धरना वापस ले लिया गया। धरना पर बैठने के पहले बिधूड़ी के नेतृत्व में प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने चंदगी राम आखाड़े के समीप विरोध-प्रदर्शन भी किया। 

धरना देने के पूर्व प्रदेश भाजपा की तरफ से आयोजित विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि किसानों की आवाज को पिछले 7 सालों से दबाने वाली केजरीवाल सरकार लगातार किसानों के अधिकारों का हनन कर रही है। अन्य राज्यों में किसानो को सब्सिडी मिलती है, लेकिन दिल्ली के किसानों को इससे दूर रखा जाता है। ट्यूबेल लगाने तक की अनुमति नहीं है। बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली देहात के किसानों और ग्रामीणों की समस्याएं लगातार गंभीर होती जा रही हैं।
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सांसद रमेश बिधूड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि दिल्ली में किसानों को एमएसपी पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान किया जा रहा है और इस पर 300 करोड़ रुपए की राशि खर्च हो रही है। यह राशि आज तक नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि 20 सूत्री कार्यक्रम के तहत किसानों को जो जमीन दी गई थी, उसके मालिकाना हक दिए जाएं। इस मौके पर प्रदेश किसान मोर्चा के महामंत्री अनूप चौधरी, राजपाल राणा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

दिल्ली के किसानों की तरफ से 15 सूत्री मांगें रखीं

  • खेत में लगे पानी की निकासी का सरकार प्रबंध करें, किसानों के नुकसान की भरपाई करे।
  • दो साल से बंद ग्रामीण विकास बोर्ड के लिए धनराशि के प्रावधान को सरकार जारी करें। 
  • किसानों को मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा। कानूनी अवरोध दूर किया जाए। 
  • ग्राम सभाओं की 4 हजार करोड़ रुपए की राशि का सरकार विकास के लिए इस्तेमाल करें। 
  • ग्राम सभा की जमीन का इस्तेमाल सिर्फ गांवों के विकास और स्कूल, कालेज, पार्क के लिए करें। 
  • सबसिडी से वंचित किसानों को अन्य राज्यों की तरह सब्सिडी दी जाए। 
  • अन्य राज्यों की तरह दिल्ली में भी किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाए।
  • डीजल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए डीजल वैटमुक्त किया जाए।
  • गांवों का लालडोरा बढ़ाया जाए।
  • एमएसपी पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान की राशि दी जाए। 
  • मुआवजा राशि नहीं में तुरंत बढ़ोतरी की जाए।
  • अधिग्रहित भूमि के बदले आवासीय प्लॉट देने की योजना तुरंत चालू की जाए। 
  • 20 सूत्री कार्यक्रम के तहत भूमिहीनों को जो जमीन दी गई थी, उसका मालिकाना हक मिले। 
  • जिन किसानों की जमीन ग्रामसभा में समाहित हो गई है, उन्हें यह जमीन वापस लौटाई जाए।
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