दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) का मानना है कि पक्षियों की ओएचई या तार से टक्कर, पतंग की डोर और तेज हवा के कारण संपर्क में आए तारों की वजह से पिछले दिनों सेवाएं प्रभावित हुईं।
खराबी आने के बाद ये होती हैं व्यवस्थाएं
28 इंटरचेंज से पहुंच सकते हैं गंतव्य तक
सेवाएं प्रभावित होने पर यात्रियों को डीएमआरसी अपने ट्विटर हैंडल, मोबाइल के जरिये जानकारी साझा करता है। एप और वेबसाइट पर वास्तविक समय में यात्रियों को अपडेट किया जाता है, ताकि जरूरत होने पर दूसरे विकल्पों का चयन कर सकें। इस दौरान 28 इंटरचेंज स्टेशनों की सुविधा का उपयोग करके भी यात्री अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं।
समय की पाबंदी के मामले में मेट्रो अग्रणी
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्कों में से एक है। समय की पाबंदी के लिहाज से 99.9 फीसदी के साथ दिल्ली मेट्रो का नाम दुनिया की अग्रणी मेट्रो में शुमार है। कॉमेट (2020-21) रिपोर्ट के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक सेवा की विश्वसनीयता के दृष्टिकोण से भी दिल्ली मेट्रो अग्रणी है।
लगाए जाएंगे 10 हजार बर्ड स्पाइक्स
प्राकृतिक या बाहरी कारणों से पड़ा अधिक असर
डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन) अनुज दयाल के मुताबिक, जून में मेट्रो सेवाओं में आई खराबी से यात्रियों को हुई परेशानी को दूर करने के सभी उपाय किए जा रहे हैं। हालांकि, छह में से तीन बार प्राकृतिक या बाहरी कारणों से सेवाएं प्रभावित रहीं। इस दौरान कुछ को छोड़कर लाइन के शेष हिस्से पर यात्रियों के लिए मेट्रो की सुविधा उपलब्ध रही। ओएचई में आई खराबी को दूर करने में थोड़ा अधिक वक्त लगता है।