किसान नेता धर्मबीर सिंह ने कहा कि पीएम को चाहिए कि वह एमएसपी को लेकर कमेटी बनाए उसमें किसानों को शामिल किया जाए। साथ ही उसके सदस्यों से लेकर कानून बनाने में लगने वाले समय की पहले ही जानकारी साझा की जाए।
साथ ही किसान नेताओं ने कहा कि किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के लिए गृह मंत्रालय की तरफ से सभी प्रदेश सरकारों को आदेश जारी किए जाने चाहिए। वहीं लखीमपुर मामले में आरोपी मंत्री को बर्खास्त करने समेत अन्य मांगों पर सरकार के सकारात्मक रुख को देखकर 1 दिसंबर की बैठक में फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक साल तक आंदोलन को पूरी तरह गैर राजनीतिक रखा गया है।
साथ ही उन्होंने कहा कि अब पंजाब में किसानों के कर्ज माफ करने की घोषणा पूरी कराने को कहा जाएगा। ऐसा नहीं हुआ तो वहां आंदोलन शुरू किया जा सकता है। उन्होंने आंदोलन में सहयोग करने वाले सभी संगठनों, सामाजिक लोगों व किसानों को इस जीत की बधाई दी।
पंजाब के किसान नेता हरमीत कादियां ने कहा कि एक दिसंबर को एसकेएम (संयुक्त किसान मोर्चा) की बैठक होगी। एमएसपी कमेटी को लेकर आंदोलन पर अगला फैसला अगली बैठक में लिया जाएगा।
हरमीत सिंह कादियान ने कहा कि चार दिसंबर को होने वाली बैठक तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगी। कहा कि एक दिसंबर को विशेष बैठक होगी। किसान संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा आयोजित की जाएगी, जो सरकार के साथ 11 दौर की वार्ता के लिए गए थे।
वहीं, दिल्ली में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि ये काला क़ानून एक बिमारी थी, जितना जल्दी कट गई उतनी जल्दी ठीक है। अब इस बिल पर राष्ट्रपति की मुहर लग जाएगी तो यह ख़त्म हो जाएगा। सरकार जहां बुलाएगी हम वहां बात करने जाएंगे।