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कोरोना से जंग: एम्स में जल्द भारत बायोटेक करेगा नेजल वैक्सीन का ट्रायल, बच्चों के लिए साबित होगा वरदान

Thu, 09 Sep 2021 06:52 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोवाक्सिन के बाद भारत बायोटेक जल्द ही एम्स में नेजल वैक्सीन का ट्रायल शुरू करने वाला है। यह नेजल वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल होगा। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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एम्स में जल्द ही भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन का ट्रायल शुरू होने जा रहा है। यहां नेजल वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल किया जाना है और अगले कुछ दिनों में यह शुरू हो सकता है। अभी एम्स में बच्चों पर कोवाक्सिन का ट्रायल चल रहा है। यह लगभग पूरा हो चुका है और इस माह तक इसके नतीजे आ जाएंगे। इसके कुछ दिनों बाद बच्चों का टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा। 

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नेजल वैक्सीन बच्चों के लिए कारगर साबित होगी। यह नाक के जरिए दी जाएगी, जिससे बच्चों में टीके का डर भी नहीं रहेगा। एम्स के मुताबिक, इस वैक्सीन के ट्रायल के लिए भी वॉलंटियर्स की तलाश शुरू कर दी गई है। हालांकि, अभी ट्रायल शुरू होने में वक्त है, लेकिन जितनी जल्दी तैयारियां पूरी की जाएंगी, यह उतनी ही जल्दी शुरू हो सकेगा। फिलहाल दो साल के बच्चे से लेकर 18 साल तक के किशोर पर वैक्सीन का ट्रायल चल रहा था। इसके नतीजे आते ही नेजल वैक्सीन का ट्रायल शुरू होगा। नेजल वैक्सीन को नाक के माध्यम से शरीर में डाला जाता है। वैक्सीन की मात्रा महज चार बूंद है। पहली बार दो बूंद और दो मिनट के अंतराल पर दो बूंद डाली जाती है।




संक्रमण का खतरा कम, बच्चों के लिए वरदान
नेजल वैक्सीन कुछ इस तरह काम करता है, जिससे कि वायरस ना तो शरीर के अंदर जा सकेगा न ही नाक के माध्यम से शरीर के बाहर आ सकेगा। ऐसे में दूसरे लोग वायरस से संक्रमित होने से बच जाएंगे।
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जानकार बताते हैं कि कुछ लोग इंजेक्शन लगवाने से काफी डरते हैं। ऐसे लोगों के लिए अथवा बच्चों के लिए ये वैक्सीन काफी सुलभ होगा। इसके साथ ही वैक्सीन पर लगने वाला खर्च भी कम होगा। पल्स-पोलियो के वैक्सीन की तरह ही इसे भी घर-घर जाकर दिया जा सकेगा।

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