दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने बंगला साहिब गुरुद्वारे में कथित हंगामे और घटना के भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने बंगला साहिब गुरुद्वारे में कथित हंगामे और घटना के भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है।
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डीएसजीएमसी अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका समेत पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को नई दिल्ली जिला के पुलिस उपायुक्त कार्यालय में शिकायत सौंपी। कमेटी ने पुलिस को वीडियो भी उपलब्ध कराए हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी ने दी अपनी शिकायत में बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पवित्र परिसर के अंदर राजनीतिक नारे भी लगाए, जिससे धार्मिक माहौल खराब हुआ। और गुरु घर की पवित्रता और मर्यादा का उल्लंघन हुआ। कमेटी ने दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस के गुरुद्वारे में प्रवेश करने की निंदा करते हुए कहा था कि गुरुद्वारों के दरवाजे जरूरतमंदों को आश्रय देने के लिए हमेशा खुले रहते हैं। वहीं, आप नेताओं ने आरोप लगाया था कि पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए गुरुद्वारे में दाखिल हुई थी। इस मुद्दे को लेकर रविवार शाम आप कार्यालय पर प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक जनरैल सिंह ने प्रेस वार्ता कर डीएसजीएमसी अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका पर भाजपा का पक्ष लेने का आरोप लगाया है।
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पुलिस के प्रवेश पर भी उठाए सवाल
कालका ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने पहुंचे पुलिसकर्मियों ने गुरुद्वारे के मुख्य दरबार हॉल में प्रवेश नहीं किया था, बल्कि परिसर के भीतर से गुजरने वाले रास्ते का इस्तेमाल किया था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों को वर्दी में गुरुद्वारा परिसर में प्रवेश नहीं करना चाहिए था।
पुलिस ने दुर्भवनापूर्ण मंशा से वीडियो प्रसारित करने की कही बात
नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा था कि पुलिसकर्मी उस साझा रास्ते से गुजर रहे थे, जिसका इस्तेमाल श्रद्धालु जूते उतारने के स्थान तक पहुंचने के लिए करते हैं। उन्होंने प्रसारित वीडियो को दुर्भावनापूर्ण मंशा से साझा किए जाने की बात कही और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।