एएसआई ने कहा है कि यदि सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से एएसआई को जामा मस्जिद की मरम्मत का आदेश दिया जाता है तो वह जरूर उसकी मरम्मत करेंगे। लेकिन एएसआई ने यह साफ किया कि जामा मस्जिद का संरक्षण एएसआई के पास नहीं बल्कि केंद्रीय वक्फ बोर्ड के पास है।
पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने क्षतिग्रस्त हुई दक्षिणी मीनार की तत्काल मरम्मत कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा था और पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से इसकी तत्काल मरम्मत करवाने की अपील की थी।
विज्ञापन
उनकी इस अपील के बाद एएसआई ने कहा है कि यदि सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से एएसआई को जामा मस्जिद की मरम्मत का आदेश दिया जाता है तो वह जरूर उसकी मरम्मत करेंगे। लेकिन एएसआई ने यह साफ किया कि जामा मस्जिद का संरक्षण एएसआई के पास नहीं बल्कि केंद्रीय वक्फ बोर्ड के पास है।
पिछले सप्ताह एक के बाद दूसरी बार आई तेज आंधी तूफान में जामा मस्जिद की दक्षिणी मीनार का दो फुट लंबा ऊपरी हिस्सा गिर गया था। इसके कारण मस्जिद की फर्स भी क्षतिग्रस्त हुई है। तीन दिन पहले फिर से आई आंधी में मीनार का एक और हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर लटक गया है, जो कि कभी भी गिर सकता है। इससे यहां पर हादसे की भी संभावना है।
विज्ञापन
इस बात पर शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने चिंता जाहिर की थी और प्रधानमंत्री को इसकी तत्काल मरम्मत करवाने के लिए पिछले सप्ताह रविवार को ही पत्र लिखा था। जामा मस्जिद केंद्रीय वक्फ बोर्ड के संरक्षण में है। इसकी मरम्मत कराने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। लेकिन एएसआई ने साफ किया है कि अगर सरकार ने उनको पुरानी दिल्ली स्थित जामा मस्जिद की मरम्मत का निर्देश दिया तो वह इसकी मरम्मत जरूर करेंगे।