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यमुना पर केजरीवाल की 'सफाई': दिल्ली के सीएम बोले-दो दिन में नहीं हो सकता ये काम, बताए छह एक्शन प्लान

Fri, 19 Nov 2021 04:21 AM IST
सुशील कुमार कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि दो दिनों में यमुना की सफाई नहीं हो सकती। हमने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। मैं व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी कर रहा हूं। 
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अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने यमुना की गंदगी पर चिंता जाहिर की। साथ ही छह एक्शन प्वाइंट्स भी बताए। उन्होंने कहा कि 2025 तक यमुना की सफाई पूरी कर ली जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि अगले चुनाव तक यमुना को पूरी तरह साफ कर लिया जाएगा और मैं इसमें आपके साथ डुबकी भी लगाऊंगा। केजरीवाल ने कहा कि मैं जो कहता हूं वो करता हूं।

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सीएम केजरीवाल ने कहा कि यमुना नदी को इतना गंदा होने में 70 साल लगे। दो दिन में इसकी सफाई नहीं हो सकती। मैंने दिल्ली के चुनावों में लोगों से वादा किया था कि अगले चुनावों तक इसे साफ कर दिया जाएगा। हमने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। हमारे पास इस पर छह एक्शन प्वाइंट हैं, मैं व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी कर रहा हूं। 

उन्होंने कहा कि पहली कार्ययोजना में हम युद्धस्तर पर सीवर ट्रीटमेंट पर काम कर रहे हैं। सबसे पहले नए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा रहे हैं। दूसरा- मौजूदा प्लांटों की क्षमता बढ़ाई जा रही है, तीसरा- पुराने ट्रीटमेंट प्लांटों की तकनीक बदली जा रही है। चौथा- झुग्गी-झोपड़ी से निकलने वाला कचरा जो नदियों में जाता है, उसे अब सीवर में मिला दिया जाएगा। पांचवां- कुछ क्षेत्रों में लोगों ने सीवर कनेक्शन नहीं लिया है, हमने ऐसे क्षेत्रों में मामूली शुल्क पर सीवर कनेक्शन स्थापित करने का निर्णय लिया है। छठा- गाद निकालने का काम किया जाएगा। 
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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यमुना नदी को साफ करने के लिए छह एक्शन प्वाइंट लागू करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2025 तक यमुना की सफाई पूरी कर ली जाएगी। 

ये है छह एक्शन प्वाइंट्स
. बेहद कम कीमत पर नए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने पर करेंगे काम।
. तकनीक की मदद से होगी नालों की सफाई।
. सीवर ट्रीटमेंट प्लान की क्षमता बढ़ा रहे हैं।
. इंडस्ट्रियल वेस्ट पर लगाएंगे लगाम।
. इंडस्ट्रीज को ट्रीटमेंट प्लांट को भेजना होगा वेस्ट।
. झुग्गियों की गंदगी को सीवर में मिलाने का काम। 

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केजरीवाल का एक्शन प्लान

अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, सरकार के इंजीनियर्स और अधिकारियों को उम्मीद है कि फरवरी 2025 तक यमुना को जरूर साफ कर लेंगे। केजरीवाल के मुताबिक, हर बिंदु पर उनकी खास नजर है। हर प्वाइंट को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना है। अगले एक महीने में क्या काम होगा, अगले दो महीने में क्या काम होगा और अगले चार महीने में कितना काम होगा, इन सबके माइल स्टोन बनाए गए हैं।

कुछ नालों को किया जा रहा डायवर्ट
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में बहुत सारे गंदे नाले बहते हैं। सरकार नई तकनीक से चार प्रमुख गंदे नालों का वहीं पर (इन-सीटू) सफाई कर रही है। पानी को कहीं और नहीं लेकर जाना पड़ेगा। जबकि कुछ नालों को एसटीपी की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है। नजफगढ़ ड्रेन, बारापुला ड्रेन, सप्लीमेट्री ड्रेन और गाजीपुर ड्रेन का इन-सीटू सफाई का पूरा काम शुरू हो गया है। इसके अलावा औद्योगिक कचरे पर भी नकेल कसी जाएगी। जो भी इंडस्ट्री अपने कचरे को शोधित नहीं करेगी, उसको बंद किया जाएगा।

कनेक्शन देगी सरकार
अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, बहुत सारे ऐसे इलाके हैं, जहां पर सीवर का पूरा नेटवर्क बिछा दिया गया है। लेकिन कई लोगों ने सीवर के कनेक्शन नहीं लिए हैं। अभी की व्यवस्था के हिसाब से सरकार सीवर नेटवर्क बिछाती है। जबकि कनेक्शन आम लोग खुद करवाते हैं। अब सरकार ने फैसला किया है कि घर से सीवर तक का कनेक्शन खुद ही देगी। इसके लिए किसी को आवेदन करने की जरूरत नहीं है। इसका चार्ज भी हमने बहुत कम कर दिए हैं। जो भी नाममात्र का शुल्क होगा, उसे हम इंस्टॉलमेंट में पानी के बिल के साथ ले लेंगे।

सीवर नेटवर्क से जुड़ेगी झुग्गी बस्तियां
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में जितनी भी झुग्गी झोपड़ी क्लस्टर्स हैं। इनमें जन सुविधा कॉम्प्लेक्स (टॉयलेट्स) हैं। कुछ जगह पर टॉयलेट्स की गंदगी तो सीवर में जाती है, लेकिन कई जगहों पर यह गंदगी बारिशों की पानी वाली नालियों में बहा दिया जाता है। सरकार जन सुविधा कॉम्प्लेक्स व बरसाती नालियों के बजाय बगल के सीवर से जोड़ेगी। झुग्गी झोपड़ी क्लस्टर्स की जितनी गंदगी है, वह सारी गंदगी अब सीवर में डाली जाएगी।

चार नए एसटीपी बना रही केजरीवाल सरकार,पुराने की क्षमता में होगा विस्तार
. 279 एमजीडी क्षमता के चार नए ट्रीटमेंट प्लांट हो रहे तैयार। इसमें 40 एमजीडी का शोधन रिठाला एसटीपी, 70 एमजीडी की कोरोनेशन एसटीपी, 45 एमजीडी की कोडली एसटीपी और 124 एमजीडी की ओखला एसटीपी में होगा। इसके अलावा दिल्ली में मौजूदा 19 एसटीपी को अपग्रेड किया जा रहा है।

एसटीपी का नाम         मौजूदा डिजाइन पैरामीटर    अपग्रेडेड डिजाइन (बीओडी: टीएसएस)
मेहरौली                20/30                      10/10
ओखला फेस-5         30/50                       10/10
ओखला फेस-6         20/30                       10/10
कोंडली फेस-2         20/30                       10/10
कोंडली फेस-4         20/30                       10/10
यमुना विहार फेस-1    30/50                        10/10
यमुना विहार फेस-2    30/50                        10/10
यमुना विहार फेस-3    20/30                        10/10
सी पीलर फेस-1, 2    30/50                        10/10
सी पीलर फेस-3      30/50                        10/10
नरेला                    30/50                        10/10
रिठाला फेस- 2       15/20                        10/10
रोहिणी               30/50                        10/10
केशोपुर फेस-1        20/30                        10/10
केशोपुर फेस-2        30/50                        10/10
केशोपुर फेस-3        30/50                        10/10
निलोठी फेस-1        30/50                        10/10
पपनकला फेस-1      30/50                        10/10
नजफगढ़             30/50                        10/10

चार ड्रेन की इन-सीटू सफाई
यमुना में प्रदूषण बढ़ाने वाली चार प्रमुख ड्रेन हैं। यह चार ड्रेन नजफगढ़ ड्रेन, सप्लमेंट्री ड्रेन, बारापुला ड्रेन और शाहदरा ड्रेन हैं। इन चारों ड्रेन के अंदर दिल्ली सरकार सीवेज को इन सीटू ट्रीट कर रही है। अर्थात ड्रेन के अंदर ही चलने पानी को साफ किया जा रहा है। एसटीपी बाहर बनते हैं और दूर होते हैं, जिन्हें एक्स सीटू कहते हैं। जबकि ड्रेन के अंदर सीवेज की सफाई को इन सीटू कहते हैं। 
औद्योगिक कचरे के खिलाफ कार्रवाई

दिल्ली के अंदर 33 इंडस्ट्रीयल क्लस्टर्स हैं। इन इडस्ट्रीयल क्लस्टर्स के अंदर से काफी सारा औद्योगिक कचरा निकलता है। इसमें से 17 इंडस्ट्रीयल क्लस्टर्स ऐसे हैं, जिनका पानी 13 सीईटीपी में जाता है और बाकी सीईटीपी में नहीं जाता है। 
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