पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला की बर्खास्तगी पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान की आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीठ थपथपाई है। केजरीवाल का कहना है कि देश के सियासी इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि जब कोई पार्टी भ्रष्टाचार के मामले में अपने लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई कर रही है।
इससे पहले 2015 में दिल्ली की आप सरकार ने भी भ्रष्टाचार के आरोपी अपने खाद्य मंत्री को बर्खास्त कर दिया था। आप की दोनों सरकारों ने साबित कर दिया है कि पार्टी और सरकार बिना भ्रष्टाचार के ईमानदारी से भी चल सकती है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की तरफ से अपने स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद मंगलवार दोपहर बाद दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवंत मान ने अपने स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त कर दिया। उसके खिलाफ मामला दर्ज करके गिरफ्तार किया जा रहा है। किसी को इस भ्रष्टाचार के बारे में पता नहीं था।
केजरीवाल के मुताबिक, भगवंत मान चाहते तो मंत्री से सेटिंग करके अपने लिए एक हिस्सा मांग सकते थे और मामले को दबा सकते थे। अब तक तो ऐसा ही होता था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसकी जगह मान ने खुद अपने मंत्री के खिलाफ एक्शन लिया।
केजरीवाल ने कहा कि भगवंत मान के इस फैसले से लोग बहुत खुश हैं। उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि कोई सरकार इतनी ईमानदार भी हो सकती है क्या? कई लोगों की आंखों में खुशी के आंसू हैं। विपक्ष को समझ नहीं आ रहा कि क्या कहें और कैसे इसका विरोध करें? तभी विपक्ष कह रहा है कि देखो, सरकार बनने के दो महीने में ही इनके लोगों ने भ्रष्टाचार करना शुरू कर दिया। केजरीवाल ने कहा कि वह कुछ भी बर्दाश्त कर लेंगे, लेकिन भारत माता के साथ गद्दारी बर्दाश्त नहीं करेंगे। गर्दन कट जाए, देश के साथ गद्दारी कुबूल नहीं है। हम ना गद्दारी करेंगे और ना ही किसी को करने देंगे।
माता-पिता से मिले ईमानदारी के संस्कार
केजरीवाल के मुताबिक, बचपन से घर में माता-पिता ने ईमानदारी के संस्कार दिए हैं। यह जो हमने किया है, यह करने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए, जो हमें भगवान से मिलती है। आज पूरे देश में सिर्फ एक ही पार्टी है, जो कट्टर ईमानदार सरकार दे सकती है।
दिल्ली में भी मंत्री हुआ था बर्खास्त
केजरीवाल ने बताया कि 2015 में जब दिल्ली में आप की सरकार बनी थी, तब बतौर मुख्यमंत्री उन्होंने भी अपने खाद्य मंत्री के खिलाफ ऐसी ही कार्रवाई की थी। संबंधित मंत्री के भ्रष्टाचार के सुबूत अपने पास आने की बात केजरीवाल ने की। तब भी किसी को इस बारे में कुछ पता नहीं था।
केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने खुद मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की थी। आप कट्टर और ईमानदार पार्टी है। कट्टर ईमानदार का मतलब है कि अगर अपना भी कोई चोरी करेगा तो उसे भी नहीं छोड़ेंगे।
केजरीवाल ने दावा किया कि अभी तक सारी पार्टियों में आपस में सेटिंग होती थी। अपनों को पकड़ना तो दूर, दूसरे के नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं करते थे। पहली बार ऐसा हो रहा है कि कोई पार्टी अपने खुद के लोगों के भ्रष्टाचार के खिलाफ भी एक्शन ले रही है।