नई दिल्ली। इंजीनियरिंग, मेडिकल, फार्मेसी, मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर कॉलेज छात्रों से एक साथ फीस नहीं ले सकेंगे। कोरोना महामारी के चलते अभिभावकों की दिक्कतों को समझते हुए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने सभी राज्यों और कॉलेजों को पत्र लिखा है। निर्देश दिया है कि सालाना और सेमेस्टर फीस एक साथ लेने की बजाय तीन से चार एक समान किस्तों में लेनी होगी। कोई भी कॉलेज पूरी फीस एक साथ पेमेंट के लिए दबाव न बनाए।
एआईसीटीई ने पत्र में कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते लॉकडाउन और आर्थिक हालात ठीक न होने के कारण अभिभावकों पर दबाव डालना सही नहीं है। कॉलेजों को छात्रों तक इस राहत की जानकारी पहुंचानी होगी। कॉलेज प्रबंधन अपनी अधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने के साथ ही छात्रों के मोबाइल नंबर व ईमेल पर सूचना भेजें।
शिक्षकों को नौकरी से नहीं निकालने का आदेश
कोई भी कॉलेज महामारी के दौरान शिक्षक की सेवाएं समाप्त नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा पूरा वेतन समय पर देना अनिवार्य है। यदि इस दौरान किसी शिक्षक की सेवाएं समाप्त की गई हैं, तो ऐसे आदेश को निरस्त किया जाए।
इंटरनेट का प्रयोग मिलकर करें
कोरोना के चलते अधिकतर शिक्षण संस्थान बंद हैं। अधिकतर छात्र घर से ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। कई छात्रों के पास ऑनलाइन क्लास के लिए इंटरनेट और जगह नहीं है। यदि कोई छात्र किसी कॉलेज कैंपस के आसपास रहता है, तो वह वहां जाकर सुविधा ले सकता है। कॉलेज छात्र का कॉलेज द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र जांचने के बाद उन्हें यह लाभ उठाने दें।