नई दिल्ली। व्यापारिक गतिविधियों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने दिल्ली के उपराज्यपाल को एक ज्ञापन दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने राजनिवास से लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि कोविड नियंत्रण के लिए लॉकडाउन कोई सार्थक उपाय नहीं है, क्योंकि लॉकडाउन से संक्रमण आंशिक रूप से नियंत्रण तो लगता है परंतु मजदूर, दुकानदार, ट्रेडिंग हाउस, लघु उद्योग से जुड़े व्यवसायिक और व्यापारी वर्ग आर्थिक संकट के कारण हाशिए पर पहुंच गये हैं। कहा कि सीएम केजरीवाल की लॉकडाउन खोलने की घोषणा अव्यवहारिक है।
चौधरी अनिल कुमार ने यह भी कहा कि व्यापारियों का दम भाजपा तो भरती है, लेकिन भाजपा के सातों सांसद व्यापारियों के संकट पर न तो कुछ बोल रहे हैं और न ही दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की लॉकडाउन को खोलने की घोषणा को अव्यवहारिक और दिल्लीवासियों को गुमराह करने वाला बताया। कहा कि जब फैक्टिरियों से थोक विक्रेता नहीं लेगा, खुदरा बाजार में नहीं पहुंचेगा तो प्रोडक्शन और मैन्यूफैक्चरिंग की खपत कहां होगी, क्या केजरीवाल इस पर खुलासा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने आंशिक रूप से लॉकडाउन लगाने की बात की थी लेकिन सप्ताह दर सप्ताह डेढ़ महीने का लॉकडाउन हो चुका है जिससे मध्यम, गरीब और मजदूर वर्ग अत्यधिक परेशान और पीड़ित हैं।
पूर्व विधायक अनिल ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से उपराज्यपाल को सुझाव दिया गया है कि लॉकडाउन के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे दुकानदारों को राहत देने के लिए सप्ताह में अधिकतम 5 दिनों तक बाजार खोले जाएं। वीकेंड पर कर्फ्यू लगाया जाए ताकि संक्रमण नियंत्रण के लिए जंग जारी रहे। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सरकार दिल्ली की सभी मार्केट में एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर व्यापारियों एवं कर्मचारियों के लिए कोविड वैक्सीनेशन कैंप लगाए। आरटी-पीसीआर बाजार में कराया जाए। व्यापारिक वर्ग को भारी संकट से उबारने के लिए राहत पैकेज दिया जाए।