तिहाड़ जेल की सेल नंबर-3 में गैंगस्टर अंकित गुर्जर की डंडों से बेरहमी से पिटाई की गई थी। डंडों की पिटाई से अंकित गुर्जर के सिर में चोटें लगी थीं। इस कारण अंकित की मौत हो गई थी। ये खुलासा गवाहों के बयानों से हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ था कि अंकित के शरीर पर चोटों के 12 से ज्यादा निशान थे। पूरी तरह सबूत आने के बावजूद हरी नगर थाना पुलिस ने शुक्रवार शाम तक एक भी गिरफ्तारी नहीं की है।
पश्चिमी जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अंकित गुर्जर हत्याकांड में पुलिस शुक्रवार तक 25 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें सेल नंबर तीन में बंद कैदी, तिहाड़ जेल के कर्मचारी, अधिकारी, डिस्पेंसरी के लोग और डीडीयू अस्पताल के डॉक्टर शामिल हैं। डीडीयू अस्पताल में अंकित के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के बयान शुक्रवार को दर्ज किए गए।
सेल में बंद कई कैदियों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं, जबकि कुछ ने बयान नहीं दिया है। कैदियों ने अपने बयानों में कहा है कि अंकित की सेल से मोबाइल व चार्जर मिला था। इस बात को लेकर अंकित को तिहाड़ में दूसरी सेल में शिफ्ट किया जा रहा था। इस पर तिहाड़ के कर्मचारी व अंकित में तीखी बहस हो गई। इस बहस में अंकित ने कर्मचारी को थप्पड़ मार दिया। कर्मचारी ने भी अंकित को थप्पड़ मार दिया।
इस बात पर तिहाड़ के कर्मचारियों ने अंकित को डंडों से पीटना शुरू कर दिया था। वह अंकित गुर्जर को उस समय तक पीटते रहे जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। तिहाड़ के कुछ कर्मचारियों ने इस तरह के बयान दिए हैं। डीडीयू अस्पताल के डॉक्टरों ने बयान में कहा है कि अंकित की मौत चोट लगने की वजह से हुई है। पश्चिमी जिले के एक अधिकारी ने बताया कि अंकित की मौत को लेकर तिहाड़ के आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं। इसके बावजूद हरी नगर थाना पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है।