फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi News: तिहाड़ जेल में बंद जेएनयू छात्रों को दवा और बुनियादी सुविधाएं न देने का आरोप

विज्ञापन
विज्ञापन
छात्रों की रिहाई के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी में जेएनयू छात्र संघ
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ ने तिहाड़ जेल में बंद छात्रों को दवा से लेकर बुनियादी सुविधाएं न मिलने का आरोप लगाया है। जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष के. गोपिका बाबू, संयुक्त सचिव दानिश अली, पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार सहित 14 छात्र बृहस्पतिवार को हुए हंगामे मामले में जेल में बंद हैं।
इसके अलावा छात्रों के लिए मुचलका भरने को लेकर फंड भी जुटाया जा रहा है। वहीं जेल में बंद छात्रों के समर्थन में शनिवार को देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया गया। इसके तहत आइसा के बैनर तले डीयू के नॉर्थ कैंपस से लेकर विजय नगर तक मार्च निकाला गया। जेएनयू छात्र संघ के महासचिव सुनील यादव ने बताया कि कोर्ट ने शर्तों के साथ रिहाई दी है लेकिन पता सत्यापन की अनिवार्य प्रक्रिया के चलते छात्रों को अभी तक जेल से बाहर आने की राहत नहीं मिली है। जिसको लेकर शनिवार को पटियाला हाउस कोर्ट में स्पेशल अपील दाखिल की थी लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। अब हाईकोर्ट में अपील दायर की जाएगी। जेल में बंद दो छात्रों को गिरफ्तारी के दौरान पुलिस द्वारा घसीटे जाने के बाद फ्रैक्चर हो गया था।
विज्ञापन


छात्र संघ की संयुक्त सचिव दानिश अली को 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद प्लास्टर नहीं लगाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और दिल्ली पुलिस के डराने-धमकाने के प्रयासों के बावजूद छात्र समुदाय जातिवादी और निरंकुश शासन की रणनीति के खिलाफ एकजुट हो गया। जेल अधिकारियों को तुरंत चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने चाहिए। हमारी मांग है कि प्रक्रियागत विलंब का अंत हो और छात्रों को तत्काल रिहा किया जाए।
विज्ञापन


छात्र संघ की मांगों के समर्थन में उतरे सांसद

जेएनयू छात्र संघ की मांगों को लोकसभा सांसद चंद्र शेखर आजाद ने समर्थन दिया है। इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने छात्र संघ पदाधिकारियों के तत्काल निष्कासन का आदेश वापस लेने, पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच, बिना शर्त के छात्रों को रिहा करने, बाबा साहेब की तस्वीर फाड़ने वाले पुलिसकर्मी की पहचान कर आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। वहीं जेएनयू छात्र संघ और शिक्षक संघ के विरोध में आमरण अनशन पर बैठे जेएनयू ऐतिहासिक अध्ययन केंद्र के प्रोफेसर क्रिस्टु दास ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें