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लॉकडाउन में राजधानी के सभी प्रमुख बाजार रहे बंद

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नई दिल्ली। लॉकडाउन के पहले दिन दिल्ली के सभी प्रमुख बाजार बंद रहे। बढ़ते कोरोना संक्रमण की वजह से दुकानदारों ने दुकान तक पहुंचना भी मुनासिब नहीं समझा। सभी अपने-अपने घरों में रहे। हालांकि कुछ व्यापारियों ने अपने इलाके में कोविड मरीजों के लिए संसाधनों को उपलब्ध कराने में जरूर जुटे रहे। उधर, श्रमिकों व मजदूरों की स्थिति भी उहापोह वाली है। वह लगातार जहां काम करते हैं उनसे घर वापस जाने के लिए संसाधनों की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं।
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दिल्ली में लॉकडाउन के पहले दिन जरूरी सामान की दुकानों के अलावा सभी व्यापारिक गतिविधियां ठप रही। सड़क पर सन्न्नाटा पसरा रहा तो दुकानों पर ताला लटका रहा। व्यापारी व उद्यमी अपने-अपने घरों से सीसीटीवी के माध्यम से ही व्यापारिक केंद्रों का मुआयना करते रहे। गफ्फार मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सतेंद्र सिंह ने बताया कि लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन किया गया।
करोल बाग स्थित सभी दुकानें बंद रहीं। अगले पांच दिनों तक व्यापारी गतिविधियां पूरी तरह से ठप रहेंगी। मजदूरों की घर वापसी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि व्यापारी उनकी परेशानी को समझें और उन्हें आश्वासन दें कि उनका रोजगार नहीं छीनने वाला है।
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फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के महासचिव राजेंद्र शर्मा ने बताया कि बाजार में पूरी तरह लॉकडाउन रहा। श्रमिकों से भी बार-बार फोन के माध्यम से कहा गया है कि अभी दिल्ली छोड़कर जाने की आवश्यकता नहीं है। व्यापार फिर खुलेगा। लॉकडाउन के पहले दिन राजेंद्र शर्मा में उत्तरी दिल्ली के मेयर जयप्रकाश द्वारा भेजे गए सेनेटाइजर वाहन से पूरे इलाके को सेनेटाइज कराने में सहयोगी बने।
दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बावेजा ने कहा कि दिल्ली से मजदूर गए तो एक बार फिर व्यापार को पटरी पर लाने में महीनों लग जाएंगे। सरकार प्रयास करे ताकि मजदूर दिल्ली छोड़कर नहीं जाएं। लाजपतनगर ट्रेडर्स एसोसिएशन के संजीव मदान, कमला नगर व्यापारिक संगठन के नरेश सांबर, जनपथ के टोनी चावला समेत सभी व्यापारिक संगठनों ने प्रवासी मजदूरों के घर जाने पर चिंता जाहिर की।
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