लंबित मांगों को लेकर दिल्ली एम्स के कर्मचारी कई महीनों से आगामी 25 अक्तूबर को सामूहिक हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे रहे हैं। हालांकि सोमवार को कर्मचारियों ने अपनी घोषणा को सच बताने और एक तरह से प्रबंधन को शक्ति प्रदर्शन दिखाने के लिए बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। सुबह से ही निदेशक कार्यालय के बाहर एकत्रित कर्मचारियों ने करीब एक घंटे तक एम्स प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान डॉक्टरों को छोड़ अन्य सभी तरह के कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल थे। बताया जा रहा है कि अगर जल्द ही एम्स प्रबंधन ने कर्मचारियों की मांग को लेकर हल नहीं निकाला तो आगामी दिनों में मरीजों का उपचार काफी प्रभावित हो सकता है।
प्रदर्शन के दौरान एम्स नर्सिंग यूनियन के अध्यक्ष हरीश कुमार ने कहा कि प्रबंधन और स्वास्थ्य मंत्री दो साल से आश्वासन दे रहे हैं लेकिन अब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। इसलिए अब 25 अक्तूबर को एम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया जाएगा।
इससे पहले कर्मचारियों ने पिछले साल दिसंबर 2020 में भी हड़ताल करने की घोषणा की थी लेकिन उस दौरान प्रबंधन से मिले आश्वासन के बाद इसे टाल दिया गया था। दिल्ली एम्स के कर्मचारी यूनियन, एम्स नर्सेज यूनियन और ऑफीसर्स एसोसिएशन ऑफ एम्स के करीब 15 हजार कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे। ऑफिसर यूनियन के अध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि उनकी मांगें कई साल से लंबित हैं जिनकी सुनवाई नहीं हो रही है। एम्स के सभी नर्स, कर्मचारी और ऑफीसर सभी हड़ताल पर जाएंगें। जब तक प्रबंधन से ठोस राहत नहीं मिलेगी तब तक कर्मचारी नहीं मानेंगें। इनके अलावा कर्मचारी यूनियन के उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह रावत ने कहा कि केंद्रीय कर्मचारी होने के बावजूद एनपीएस में चार फीसदी की कम सुविधा दी जा रही है।