लंबे समय से कागजों में बंद मेडिकल यूनिवर्सिटी की राह पर अब दिल्ली एम्स आगे बढ़ गया है। बुधवार को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने एम्स के मास्टर प्लान को लेकर संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर कहा है कि इस परियोजना में देरी नहीं होनी चाहिए। नीति आयोग के सीईओ, डीडीए के उपाध्यक्ष और एम्स निदेशक के साथ साथ अलग अलग विभागों के साथ हुई बैठक में एलजी ने एम्स प्रबंधन को परियोजना के सफल होने को लेकर शुभकामना भी दी। बैठक के बाद एलजी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एम्स के मास्टर प्लान को लेकर चर्चा के बाद यह तय हुआ है कि आपसी विभागों के बीच सामंजस्य काफी जरूरी है।
इन विभागों को निर्देश दिया है कि परियोजना से जुड़े अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने में देरी नहीं होनी चाहिए। डीडीए, वन विभाग, स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग इत्यादि से पूरा सहयोग भी मांगा है। बैठक के दौरान परियोजना से जुड़े अहम भागों पर भी चर्चा की गई जिसमें एम्स से लेकर ट्रामा सेंटर के बीच यूनिवर्सिटी के लिए विस्तार देना शामिल है। बैठक में यह भी तय हुआ है कि उपराज्यपाल की अध्यक्षता में परियोजना से जुड़ी कार्यवाही को लेकर निगरानी जारी रहेगी।
दरअसल दिल्ली एम्स ने कई साल पहले ही मास्टर प्लान तैयार कर विश्व स्तरीय मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाने की योजना बनाई है। हालांकि अभी तक यह योजना कागजों पर है। इसके अनुसार एम्स के मुख्य परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र से लेकर सड़क के दूसरी ओर सफदरजंग अस्पताल के आसपास का क्षेत्र और ट्रामा सेंटर तक पूरा एक परिसर होगा।
एम्स और ट्रामा सेंटर के बीच एक सुरंग भी शुरू हो चुकी है जिसका इस्तेमाल दोनों अस्पतालों के बीच मरीज व अन्य स्टाफ के आवागमन को लेकर होता है। एम्स प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार जल्द ही परियोजना पर काम शुरू होगा। सभी विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया अभी चल रही है। एक बार यह एकत्रित होने के बाद टेंडर इत्यादि की प्रक्रिया भी शुरू होगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एम्स परिसर में बीते 10 वर्षों में कई इमारत और नए ब्लॉक की शुरूआत हुई है। एम्स लंबे समय से एक ही छत के नीचे सभी तरह की स्वास्थ्य सेवाएं मरीजों को देना चाहता है। इस उद्देश्य को पूरा करने में काफी सफलता भी हासिल हुई है। जैसे ओपीडी के नए ब्लॉक में मरीजों की जांच से लेकर चिकित्सीय सलाह, जांच रिपोर्ट, फाइल बनाने, ओपीडी पंजीयन इत्यादि का कार्य किया जाता है।
ओपीडी आने वाले मरीज को एम्स के दूसरे किसी ब्लॉक में
जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इसी तर्ज पर आगामी दिनों में मातृ शिशु ब्लॉक, सर्जरी ब्लॉक, जीरिएट्रिक ब्लॉक शुरू होगा। हाल ही में बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक भी शुरू हुआ है। इन सभी को मिलाकर एम्स एक विश्व स्तरीय मेडिकल यूनिवर्सिटी की राह पर आगे बढ़ रहा है।