अग्निपथ योजना के विरोध को लेकर देशभर के स्टेशनों पर हाई अलर्ट कर दिया गया है। प्रवेश के पहले गहन जांच और सादी वर्दी में प्रशासन की तैनाती की गई है। दिल्ली के सभी स्टेशनों पर प्रशासन की तरफ से सुबह के वक्त फ्लैग मार्च भी किया गया और प्लेटफॉर्म पर हर व्यक्ति की सीसीटीवी से मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी तरह का विरोध, आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सके।
यात्रियों की सुविधा के लिए उत्तर रेलवे ने दिल्ली जंक्शन-शामली व नजीबाबाद-गजरौला के बीच दैनिक अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। ट्रेन संख्या 01617 दिल्ली जंक्शन-शामली दैनिक अनारक्षित स्पेशल 20 जून से प्रतिदिन चलेगी। दिल्ली जंक्शन से यह ट्रेन सुबह 9:10 बजे चलेगी व पूर्वाह्न 11:55 बजे शामली पहुंचेगी। वापसी दिशा में 01618 शामली-दिल्ली जंक्शन दैनिक अनारक्षित स्पेशल 20 जून से दोपहर 2:20 बजे चलकर शाम 5:20 बजे दिल्ली जंक्शन पहुंचेगी।
मार्ग में दिल्ली शाहदरा, गोकलपुर सबोली हॉल्ट, नोली, खेकड़ा, बागपत रोड, बडौत, कासिमपुर खेड़ी तथा कांधला स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी। इसके अलावा ट्रेन संख्या 04385/04386 नजीबाबाद-गजरौला-नजीबाबाद के बीच चलेगी। नजीबाबाद-गजरौला 20 जून से शाम 5:05 बजे चलकर रात 9 बजे गजरौला पहुंचेगी। वापसी दिशा में 04385 नजीबाबाद-गजरौला 21 जून से गजरौला स्टेशन से सुबह 7:50 बजे चलकर उसी दिन दोपहर 12:05 बजे नजीबाबाद पहुंचेगी। मार्ग में यह ट्रेन फजलपुर, मुज्जमपुर नारायण, बस्सी, कीरतपुर, सुअहेरी, बिजनौर, हलदौरा, अमहेरा, सिसौना, चांदपुर सियाऊ, भागदरा, बकैना हॉल्ट, चुचेला कलां हाल्ट व मंडी धनौरा स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी।
जंतर मंतर पर शनिवार को अग्निपथ योजना के विरोध में कई युवा संगठनों ने प्रदर्शन किया। इसमें एआईडीवाईओ, एआईडीएसओ, महिला संगठन एआईएमएसएस और मजदूर संगठन एआईयीटीयूसी शामिल थे।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि 14 जून को रक्षा मंत्री ने रोजगार के क्षेत्र में नई योजना अग्निपथ का ऐलान किया। इसके तहत अब से सेना की भर्ती सिर्फ चार साल के लिए होगी और चार साल बाद उन्हें बाहर का रास्ता देखना होगा। उसके बाद न तो पेंशन मिलेगी और न किसी और तरह की सुविधाएं मिलेंगी। इस तरह की नीति युवाओं के साथ धोखा है। लोगों ने युवाओं से अपील की कि आंदोलन को शांतिपूर्ण, अनुशासनबद्ध तरीके से चलाएं।
किसान आंदोलन से सीख लेते हुए इसे दीर्घ स्थायी रूप से तब तक चलाया जाए, जब तक सरकार अग्निपथ को वापस लेने पर मजबूर नहीं हो जाए। आंदोलनकारियों ने सरकार से अग्निपथ योजना को तुरंत रद्द करने, दो साल से लंबित सेना की भर्ती को तुरंत स्थायी आधार पर शुरू करने, सभी तरह की संविदा व्यवस्था पर हुई भर्तियों को नियमित करने, निजीकरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और सभी सरकारी संस्थानों में खाली पड़े पदों को जल्द स्थायी रूप से भरने की मांग की।
‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन से डरकर युवाओं को तिहाड़ भेज रही सरकार’
अग्निपथ का विरोध कर रहे युवाओं के समूह ‘युवा हल्ला बोल’ का आरोप है कि केंद्र सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन से डरकर लोगों को तिहाड़ जेल भेज रही है। युवा हल्ला बोल के 11 सहयोगी दो दिन से तिहाड़ जेल में बंद हैं। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम समेत 11 लोग बृहस्पतिवार को कनॉट प्लेस में हरियाणा के युवा बेरोजगार साथियों को श्रद्धांजलि देने आए थे, जिन्होंने योजना से हताश होकर आत्महत्या कर ली।
उनकी आत्मा की शांति के लिए सब मोमबत्ती जलाने के लिए जुटे थे, तभी पुलिस ने हिरासत में ले लिया और मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले गई। पुलिस ने इन्हें 20 घंटे से अधिक समय थाने में बिठाए रखा। अगले दिन कोर्ट में पेश कर सबको तिहाड़ जेल भेज दिया।
बाबा हरिदास नगर इलाके में युवकों ने अग्निपथ योजना के विरोध में ढांसा बस स्टैंड के पास प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान एक शख्स इनमें शामिल हो गया और भड़काऊ भाषण देकर प्रदर्शनकारियों को उकसाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों की उस शख्स से झड़प हो गई।
पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को वहां से तितर बितर कर दिया और 18 लोगों को हिरासत में ले लिया जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। पुलिस से झड़प करने वाले शख्स असालतपुर गांव निवासी सुरेंद्र शर्मा उर्फ फौजी के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त एम हर्षवर्धन ने बताया कि शुक्रवार सुबह 10.45 बजे खैरा मोड़ की ओर से 50-60 युवक ढांसा बस स्टैंड की ओर आए और अग्निपथ योजना के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सभी इस योजना को वापस लेने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन कर रहे युवक वहां सड़क पर बैठ गए। इस बात की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस पहुंची।
यातायात की आवाजाही को सुचारु रूप से चलाने के लिए पुलिस ने उन्हें सड़क के किनारे कर दिया और उन्हें शांतिपूर्वक चले जाने के लिए कहा। इसी दौरान सुरेंद्र शर्मा उर्फ फौजी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गया और वहां भड़काऊ भाषण देकर प्रदर्शनकारियों को भड़काने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो सुरेंद्र पुलिसकर्मियों से उलझ गया और हाथापाई पर उतारू हो गया।
उसके बाद पुलिसकर्मियों ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया। पुलिस ने 18 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और बाद में कानूनी कार्रवाई कर उन्हें छोड़ दिया। पुलिस ने सुरेंद्र के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।