फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आचार संहिता हटने के बाद डीयू में फिर शुरू होगी नियुक्ति की प्रक्रिया : कुलपति

विज्ञापन
विज्ञापन
डीयू कोर्ट की 91वीं वार्षिक बैठक आयोजित
विज्ञापन


लोकसभा चुनावों के कारण नियुक्ति प्रक्रिया को रोका गया

अभी तक कुल 4556 शैक्षणिक पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं

डीयू राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर अपनी रैंकिंग में और सुधार करेगा

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में लोकसभा चुनाव के कारण नियुक्ति प्रक्रिया को रोक दिया गया है। अब आचार संहिता हटने के बाद डीयू में नियुक्ति की प्रक्रिया फिर शुरू होगी। अभी तक कुल 4556 शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति की जा चुकी है। डीयू कोर्ट की 91वीं वार्षिक बैठक में कुलपति प्रो योगेश सिंह ने यह जानकारी दी। कुलपति ने कहा कि डीयू राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर अपनी रैंकिंग में और सुधार करने का प्रयास करेगा।
बृहस्पतिवार को डीयू कोर्ट की 91वीं वार्षिक बैठक आयोजित की गई। इसमें सालभर की गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। कुलपति ने सालभर में हुई नियुक्तियों के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि अभी तक कुल 4556 शैक्षणिक पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं। बैठक में डीयू के रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता ने बीते साल हुई 90वीं वार्षिक बैठक के मिनट्स की पुष्टि की। विश्वविद्यालय के कोषाध्यक्ष नवल किशोर ने कार्यकारी परिषद द्वारा अनुमोदित 2023-24 और 2024-25 के वित्तीय अनुमान प्रस्तुत किए।
विज्ञापन


कुलपति ने कहा कि डीयू ने इस एक वर्ष में अपनी रैंकिंग में भी काफी सुधार किया है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग (सस्टेनेबिलिटी 2024) में दिल्ली विश्वविद्यालय को 73.4 के समग्र स्कोर के साथ भारत में पहला और वैश्विक स्तर पर 220वां स्थान दिया गया है। आगामी वर्ष में दिल्ली विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर अपनी रैंकिंग में और सुधार करने का प्रयास करेगा।
बीते साल यूजी में 69622 और पीजी में 11174 छात्रों ने दाखिला लिया

कुलपति ने बैठक में बताया कि शैक्षणिक सत्र 2023-24 में डीयू में यूजी स्तर पर 69622 और पीजी स्तर पर 11174 छात्रों ने दाखिला लिया। पीएचडी में प्रवेश के लिए पहले और दूसरे चरण में कुल 19899 विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया था जिनमें से प्रवेश के पहले और दूसरे चरण में कुल 1655 विद्यार्थियों का प्रवेश हो चुका है। विज्ञान संकाय में विभागों के लिए तीसरा चरण 26 मार्च को शुरू किया गया है। उन्होंने विभागाध्यक्षों और प्रिंसिपलों से आह्वान किया है कि पीएचडी में विद्यार्थियों की संख्या को और बढ़ाया जाए इससे विश्वविद्यालय में अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन


डीयू के पास पूंजी की कमी नहीं

कुलपति प्रो योगेश सिंह ने कहा कि विवि के पास पूंजी की कोई कमी नहीं है। नए कार्यों के लिए 2023-24 के लिए 778.39 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए ईडब्ल्यूएस के अंतर्गत 32.83 करोड़ रुपये भी आवंटित किए गए हैं। कुलपति ने बताया कि विद्यार्थियों की फीस से अब तक 231.55 करोड़ रुपये एकत्र हुए हैं। वहीं कुछ दिनों पहले ही केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने लड़कियों के लिए 1000 बिस्तर की आवासीय सुविधा वाले हॉस्टल के निर्माण हेतु निर्भया फंड से 272 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें