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अफगानी नागरिक का छलका दर्द: माता-पिता, भाई का कुछ पता नहीं, युवाओं को अपहरण कर पाकिस्तान भेज रहा तालिबान

Fri, 13 Aug 2021 09:45 PM IST
सुशील कुमार कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के लाजपत नगर में रहने वाले अफगानिस्तान के एक नागरिक का दर्द छलका है। उन्होंने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उन्हें यह पता नहीं चल पा रहा है कि अफगानिस्तान में रह रहे उनके माता-पिता और भाई कहां हैं। 
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हसीबुल्लाह सिद्दीकी, अफगानी नागरिक - फोटो : ट्विटर ANI
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विस्तार
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तालिबान तेजी से अफगानिस्तान पर कब्जा जमाता जा रहा है और कंधार समेत कई प्रमुख राजधानियों में अपना झंडा लहरा चुका है। पिछले कई महीनों से वहां की स्थिति बेहद खतरनाक है। इस बीच दिल्ली के लाजपत नगर में रहने वाले अफगानिस्तान के एक नागरिक का दर्द छलका है। उन्होंने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उन्हें यह पता नहीं चल पा रहा है कि अफगानिस्तान में रह रहे उनके माता-पिता और भाई कहां हैं। 

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हसीबुल्लाह सिद्दीकी पिछले चार साल से भारत में रह रहा है। हसीबुल्लाह ने कहा कि वह अपने माता-पिता और भाई से 3-4 महीने से बात नहीं की। उनके ठिकानों से अनजान है। आगे कहा कि उसके माता-पिता एक गांव में रहते हैं और वहां नेटवर्क कनेक्टिविटी खराब है। 

हसीबुल्लाह ने कहा कि अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक है। मुझे बताया गया है कि तालिबान युवाओं का अपहरण कर रहा है और उन्हें पाकिस्तान भेजा जा रहा है। वहां की युवतियों से शादी कर रहा है और उन्हें हिजाब पहनने के लिए मजबूर कर रहा है। लड़कियां अब वहां खुलकर नहीं घूम सकती हैं। 
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वहीं, अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे की स्थिति में चीन उसे मान्यता दे सकता है। अमेरिकी समाचार में इस बात का दावा किया गया है। इसमें बताया गया है कि अगर आतंकी संगठन अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज होने में कामयाब होता है, तो चीन तालिबान को वैध शासक के रूप में मान्यता देने के लिए तैयार है।

इमरान का दर्द : अमेरिका की पसंद है भारत 
पाक पीएम इमरान खान ने अपने घर पर विदेशी पत्रकारों से बात करते हुए अपना दर्द बयां किया। उन्होंने अमेरिका पर कटाक्ष करते हुए कहा, वाशिंगटन पाकिस्तान को 20 साल तक अफगानिस्तान में छेड़े गए युद्ध में इस्तेमाल करने के रूप में देखता है और जब रणनीतिक साझेदारी की बात आती है तो वह भारत को पसंद करता है। उन्होंने कहा, अमेरिका ने पाक को सिर्फ अफगानिस्तान में फैली गंदगी को साफ करने के लिए फायदेमंद समझता है। खान ने कहा, मैं समझता हूं कि अमेरिकियों ने फैसला कर लिया है कि उनका रणनीतिक साथी अब भारत है और इसी वजह से वे पाक के साथ अलग बर्ताव कर रहे हैं। 

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गनी के राष्ट्रपति रहते समझौता नहीं करेगा तालिबान
अफगानिस्तान में जारी संघर्ष के बीच पाक पीएम इमरान खान ने कहा है कि जब तक अशरफ गनी देश के राष्ट्रपति रहेंगे तब तक आतंकी गुट अफगानिस्तान सरकार से बात नहीं करेगा। उन्होंने अपने मन की बात रखते हुए कहा कि मौजूदा हालात में राजनीतिक समझौता मुश्किल दिख रहा है। उन्होंने कहा, मैंने तालिबान को मनाने की कोशिश की थी लेकिन उन्होंने कहा कि गनी के होते हम बात नहीं कर सकते।
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