दिल्ली में अन्य शिक्षण संस्थान के खुलने के फैसले के बीच दिल्ली प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) ने भी परिसर को विद्यार्थियों के लिए खोलने का निर्णय लिया है। कोरोना महामारी को देखते हुए विश्वविद्यालय को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। इस दौरान कक्षाओं का संचालन ऑनलाइन रूप से ही किया जाएगा। पहले चरण में अनुसंधान, कार्ययोजना, कार्यशाला, उद्यमिता व लैब वाले विद्यार्थियों को प्रवेश की अनुमति दी गई है।
दरअसल, कोरोना महामारी को देखते हुए विश्वविद्यालय को विद्यार्थियों के लिए बंद कर दिया गया था। हालांकि, इस दौरान ऑनलाइन रूप से कक्षाओं का संचालन किया जा रहा था। डीटीयू प्रशासन के मुताबिक, पहले चरण में विश्वविद्यालय ने अनुसंधान, कार्ययोजना, कार्यशाला व उद्यमिता के साथ लैब वाले विद्यार्थियों को परिसर में प्रवेश करने की अनुमति दी है। इस दौरान विद्यार्थियों को मास्क लगाने की अनिवार्यता रखने के साथ शारीरिक दूरी का पालन रखना होगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिल्ली विश्वविद्यालय(डीयू) को लाइब्रेरी सुविधा के तहत छह सितंबर से खोल दिया गया है। वहीं, 15 सितंबर से अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए प्रैक्टिल के लिए खोला जाएगा। जेएनयू को सोमवार से अनुसंधान के विद्यार्थियों के लिए खोल दिया गया है।
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परिसर में मौजूद होने के बाद भी ऑनलाइन होंगी कक्षाएं
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के परिसर में मौजूद होने के बाद भी कक्षा के लिए उन्हें शारीरिक रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने की आवश्यकता नहीं है। बल्कि, पहले की तरह ही मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से ऑनलाइन कक्षा लेनी होगी। उक्त निर्णय कोरोना महामारी को देखते हुए लिया गया है।
अन्य राज्यों के विद्यार्थियों को हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति
विश्वविद्यालय ने नए फैसले के तहत दिल्ली के बाहरी राज्यों से आने वाले विद्यार्थियों को राहत दी है। इसके तहत बाहरी राज्यों के 15 फीसदी विद्यार्थियों को हॉस्टल में ठहरने की अनुमति दी गई है। लेकिन, विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि इन विद्यार्थियों को भी कक्षा में उपस्थित होने के बजाय हॉस्टल से ही कक्षा लेनी होगी। साथ ही कोरोना महामारी को देखते हुए नए नियम के तहत अब केवल एक कमरे में एक ही विद्यार्थी को ठहरने की अनुमति दी गई है। महामारी से पहले एक कमरे में तीन विद्यार्थियों को ठहरने की अनुमति थी। उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार के अधीनस्थ संस्थानों में 85 फीसदी सीटें दिल्ली व 15 फीसदी सीटें बाहरी राज्यों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में प्रत्येक वर्ष डीटीयू में बाहरी राज्यों से भी विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं।
कैंपस खुला, लेकिन ऑनलाइन कक्षाएं नहीं चलेंगी
दिल्ली सरकार के फैसले के तहत कैंपस को चरणबद्ध तरीके से खोलने का निर्णय लिया गया है। पहले चरण में अनुसंधान, कार्ययोजना, कार्यशाला व उद्यमिता से जुड़े विद्यार्थियों को कैंपस में आने की अनुमति दी गई है। इन विद्यार्थियों को कैंपस में आने के बाद भी ऑनलाइन कक्षाएं ही लेनी होंगी, शारीरिक रूप से कक्षा में उपस्थित नहीं होना है।
-प्रो. योगेश सिंह, वाइस चांसलर, डीटीयू
जेएनयू कैंपस खुलने के बाद अब जामिया मिल्लिया इस्लामिया कैंपस को खोलने की मांग तेज हो गई है। जामिया कैंपस पिछले साल मध्य मार्च से बंद है। छात्र इसी मांग को लेकर बृहस्पतिवार को कैंपस के बाहर विरोध दर्ज करवाएंगे।
स्टूडेंट इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया(एसओआई) के महासचिव मुस्अब काजी ने बताया कि दिल्ली सरकार ने शिक्षण संस्थानों को खोलने की अनुमति दे दी है। इसके बाद जेएनयू भी चरणबद्ध तरीके से कैंपस खोल चुका है। जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय भी छात्रों को राहत दे रहा है। ऐसे में जामिया प्रशासन छात्रों के लिए कैंपस नहीं खोल रहा है।
देशभर से जामिया में पढने वाले छात्रों की ऑनलाइन क्लास के चलते पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जामिया मेंकश्मीर से बड़ी संख्या में छात्र पढने आते हैं। जबकि वहां इंटरनेट दिक्कत के चलते पढ़ाइ्र प्रभावित होती है। दिल्ली में अब कोरोना हालत ठीक हैं तो जामिया को भी कैंपस खोलने की अनुमति देनी होगी।
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय का 5वां दीक्षांत समारोह 30 सिंबर को वर्चुअल मोड से होगा। इससे पहले 2020 में भी कोरोना महामारी के बीच दीक्षांत समारोह वर्चुअल मोड से आयोजित किया गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दीक्षांत समारोह के लिए प्रो. अरविंद कुमार की अध्यक्षता में 24 सदस्यीय सीटिंग कमेटी भी गठित कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, वुर्चअल दीक्षांत समारोह की तैयारियां शुरू हो गई है।