एएडीटीए के राष्ट्रीय प्रभारी और डूटा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आदित्य नारायण मिश्र ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय के 28 महाविद्यालय में गवर्निंग बॉडी का गठन होना चाहिए। वहीं डॉ. सीमा दास ने कहा कि गवर्निंग बॉडी ना बनाया जाना एक खास हित से प्रेरित है।
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) प्रशासन की मनमानी के खिलाफ आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय शिक्षक विंग एएडीटीए ने गुरुवार को डीयू में सुबह से लेकर शाम तक भूख हड़ताल और प्रदर्शन किया। यह धरना दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में आयोजित हुआ। धरने में दिल्ली विश्वविद्यालय के आचार्य नरेन्द्र देव कॉलेज के गवर्निंग बॉडी के पूर्व चेयरमैन अनिल सैनी समेत 10 अन्य महाविद्यालय के गवर्निंग बॉडी के पूर्व चेयरमैन भी इस भूख हड़ताल में शामिल हुए।
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एएडीटीए के राष्ट्रीय प्रभारी और डूटा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आदित्य नारायण मिश्र ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय के 28 महाविद्यालय में गवर्निंग बॉडी का गठन होना चाहिए। इस संबंध में दिल्ली सरकार ने नाम विश्वविद्यालय प्रशासन को भेज दिए हैं। कहा कि इन दिनों महाविद्यालयों में बिना नियम विरुद्ध गवर्निंग बॉडी के गठन के पदों के लिए साक्षात्कार भी कराया है। इस मामले को लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने डीयू के कुलपति को पत्र भी लिखा, लेकिन अब तक विश्वविद्यालय ने उसका संज्ञान नहीं लिया है। वहीं अब तक विभिन्न कॉलेज में वर्षों से पढ़ा रहे एडहॉक शिक्षकों को भी बाहर निकाला जा रहा है। इन शिक्षकों का भी जल्द समायोजन किया जाना चाहिए।
सदस्य डॉ. सीमा दास ने कहा कि गवर्निंग बॉडी ना बनाया जाना एक खास हित से प्रेरित है। इसके पीछे राजनीति शामिल है। इस राजनीति से शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।हमें इस मुश्किल समय में ऐसे प्रतिरोध को जारी रखना होगा। डीयू प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ हम निरंतर संघर्ष करेंगे और वे जिस तरह से नियमों को ताक पर रखकर काम करना चाह रहे हैं, उसे कतई नहीं होने देंगे।