नई दिल्ली। अदालत ने कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार के खिलाफ नवंबर 1984 सिख विरोधी दंगों से संबंधित एक मामले को सेशन कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया। अदालत ने उनके खिलाफ हत्या और दंगों के आरोप में दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के बाद यह निर्णय लिया। यह मामला पंजाबी बाग इलाके में जसवंत सिंह और उनके बेटे हरदीप सिंह की हत्याओं से संबंधित है।
मुख्य मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार पांडेय ने 26 जुलाई को रिकार्ड में उपलब्ध सामग्री के आधार पर कुमार के खिलाफ हुए अपराधों का संज्ञान लिया था। उन्होंने आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश साक्ष्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी सज्जन कुमार के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं।
आरोपी सज्जन को आरोपपत्र व उससे जुड़े सभी दस्तावेज प्रदान कर दिए गए हैं। हत्या का मामला सेशन कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में होने के कारण संबंधित कोर्ट में भेज दिया। अदालत ने सज्जन कुमार को 6 अगस्त को संबंधित अदालत के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एच एस फूलका पेश हुए।
सज्जन कुमार दंगे के दौरान पांच सिखों की हत्याओं से संबंधित एक अन्य मामले में वर्तमान में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। दो नवंबर 1984 को हुए हत्याकांड मामले में दिल्ली पुलिस ने 1991 में प्राथमिकी दर्ज की थी लेकिन साक्ष्य न होने का तर्क देकर इस मामले में 1993 में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। अदालत ने इसे खारिज कर दिया था।