पुलिस ने सफदरजंग एन्क्लेव में विदेश मंत्रालय के सेवानिवृत्त अधिकारी की पत्नी की हत्या की गुत्थी को एक दिन पहले ही सुलझाया था कि पूर्वी पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में 80 साल के बुजुर्ग इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर की लूटपाट के बाद हत्या कर दी गई। केपी अग्रवाल घर में अकेले रहते थे। इसके भूतल पर वे आईएफबी कंपनी का सर्विस सेंटर चलाते थे। रविवार रात उनके बेटे ने कॉल की तो फोन नहीं उठा। सोमवार सुबह भी घंटी बजती रही, लेकिन फोन नहीं उठा। बेटे ने घर में काम करने वाली नौकरानी को देखने को कहा तो हत्याकांड का पता चला।
नौकरानी सुबह करीब 10 बजे घर पहुंची तो उसने देखा कि सर्विस सेंटर और बुजुर्ग के मकान का दरवाजा खुला था। अंदर फर्श पर बुजुर्ग का शव पड़ा था। नौकरानी ने शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया। सुबह करीब 10:30 बजे सूचना पुलिस को दी गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। शुरुआती जांच में उनके शव पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस आशंका जता रही है कि गला घोंटकर उनको मौत के घाट उतारा गया। वारदात में किसी जानकार के हाथ की आशंका है। हत्या रविवार को ही कर दी गई थी। घर का सामान फैला था। घर और सर्विस सेंटर की अलमारियां भी खुली हैं। पुलिस लूटपाट की आशंका जता रही है। जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के अलावा सर्विस सेंटर के कर्मियों और नौकरों से पूछताछ हो रही है।
कई बड़ी कंपनियों में ऊंचे पर रहे
केपी अग्रवाल लक्ष्मी नगर स्थित अपने मकान में अकेले ही रहते थे। इलेक्ट्रॉनिक से इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने कई बड़ी कंपनियों में ऊंचे पद पर काम किया। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक कंपनी आईएफबी का सर्विस सेंटर अपने घर के ग्राउंड फ्लोर पर खोल लिया। इसमें चार लड़के और एक युवती काम करते हैं। घरेलू काम के लिए उनके यहां एक नौकरानी भी आती थी। पुलिस सभी की डिटेल लेकर पूछताछ कर रही है।
तीनों बच्चे विवाहित, बेटा परिवार के साथ दुबई में
केपी अग्रवाल के भतीजे अनिल आजाद ने बताया कि करीब 8 साल पहले बुजुर्ग की पत्नी की मौत हो गई थी। इनके परिवार में एक बेटा तुषार और दो बेटियां रुचि व नेहा हैं। तीनों की शादी हो चुकी है। तुषार परिवार के साथ दुबई में रहता है। रुचि गाजियाबाद के इंदिरापुरम तो नेहा बंगलूरू में अपने-अपने परिवारों के साथ रहती हैं। पिता की मौत की खबर सुनते ही सबसे पहले रुचि लक्ष्मी नगर पहुंची। उसने कहा कि पिता की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। घर से क्या गायब हुआ, इसके बारे में रुचि को नहीं पता। तुषार पिता को दुबई ले जाना चाहता था, लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हुए। वे पूर्वी दिल्ली में अग्रवाल समाज से भी जुड़े हुए थे और समाज के सभी कार्यक्रमों में हिस्सा लेते थे। अनिल ने बताया कि उनके ताऊ बेहद मिलनसार व सामाजिक व्यक्ति थे।
लुटेरों को निशाने पर हैं बुजुर्ग
राजधानी में अकेले रहने वाले बुजुर्ग लंबे समय से लुटेरों के निशाने पर रहे हैं। दो दिन पहले ही सफदरजंग एन्क्लेव में रहने वाले विदेश मंत्रालय के सेवानिवृत्त अधिकारी 94 वर्षीय बलदेव राज चावला के हाथ-पैर बांधकर बदमाशों ने उनकी पत्नी कांता चावला (88) की हत्या कर दी थी। अब रविवार की रात लक्ष्मीनगर में रहने वाले बुजुर्ग इंजीनियर की जान बदमाशों ने ले ली। दिल्ली पुलिस अकेले रहने वाले बदमाशों की सुरक्षा के लिए तमाम दावे करती है, लेकिन इन दावों पर फिर सवालिया निशान लगने लगे हैं।