नई दिल्ली। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी झेलने के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ा अस्पताल बनाने का निर्णय लिया है। किराड़ी इलाके में करीब साढ़े चार सौ बेड का अस्पताल बनाने के लिए भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है। यहां तीन एकड़ भूमि पर अस्पताल बनाया जाएगा।
किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में इलाके के निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एक भी अस्पताल नहीं है। इलाके के निवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, पूठं खुर्द स्थित महर्षि वाल्मीकि अस्पताल या फिर रोहिणी स्थित डॉ. अंबेडकर अस्पताल में जाना पड़ता है। इन अस्पतालों पर संबंधित इलाके के निवासियों का भारी भार होने के कारण दूसरे इलाके के निवासियों को इलाज कराने में दिक्कत होती है।
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान किराड़ी क्षेत्र के कोरोना पीड़ितों के साथ-साथ अन्य बीमारियां से पीड़ितों को इलाज कराने में दिक्कत का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से इलाके में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल बनाने की मांग उठने लगी। इलाके के जनप्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी सरकार के समक्ष ये मुद्दा उठाया। इस बीच दिल्ली सरकार ने किराड़ी क्षेत्र में अस्पताल बनाने का निर्णय लिया है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, किराड़ी क्षेत्र में रोहिणी का विस्तार किया जा रहा है। यहां फेज-पांच के सेक्टर-41 में अस्पताल बनाया जाएगा। यहां अस्पताल बनाने के लिए तीन एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है।
अन्य इलाकों के निवासी भी करा सकेंगे इलाज
नई दिल्ली। किराड़ी क्षेत्र में बनाए जाने वाले अस्पताल से ग्रामीणों को ही नहीं, बल्कि इस इलाके में बड़ी संख्या में बसी अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को भी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा मुंडका इलाके के सावदा में बसी जेजे कॉलोनी के निवासी भी यहां इलाज करा सकेंगे, वहीं रोहिणी पेज-पांच के निवासियों को भी इलाज की सुविधा मिलेगी।