नई दिल्ली। कोरोना महामारी का साया दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) की दाखिला प्रक्रिया पर भी पड़ा है। एसओएल में शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए लगभग चालीस हजार हजार दाखिले कम हुए हैं। इस बार दाखिला लेने वालों का आंकड़ा एक लाख तक भी नहीं पहुंच सका है। हालांकि एक लाख 40 हजार छात्रों ने आवेदन किया था।
एसओएल में इस बार 31 दिसंबर तक 97,150 दाखिले हुए हैं। हर साल यह संख्या लगभग एक लाख 30 हजार से अधिक रहती है। बृहस्पतिवार को दाखिले की अंतिम तिथि होने के कारण एसओएल में दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह थम गई। एसओएल के विशेष अधिकारी प्रो उमाशंकर पांडेय ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि दाखिला लेने वालों की संख्या में कमी आई है।
प्रो पांडेय ने कहा कि दाखिले कम क्यों हुए इसका अभी कोई एक कारण बताया नहीं जा सकता। इस बार नियमित कॉलेज, एनसीवेब व एसओएल के दाखिले साथ-साथ हुए हैं। यह भी एक कारण हो सकता है क्योंकि नियमित कॉलेजों में दाखिले समाप्त होने के बाद ही एसओएल में दाखिला लेने वालों की संख्या बढ़ती है। वहीं कोरोना भी एक कारण हो सकता है। दाखिले क्यों कम हुए हैं इसका विश्लेषण किया जाएगा।
90 फीसदी से अधिक अंक वाले 2393 छात्रों ने लिया दाखिला
एसओएल में 30 दिसंबर तक 90 फीसदी से अधिक अंक पाने वाले 2393 छात्रों ने दाखिला लिया। इसमें अंग्रेजी ऑनर्स में 156, राजनीति विज्ञान ऑनर्स में 315, बीए प्रोग्राम में 621, बीकॉम में 680, बीकॉम ऑनर्स में 621 छात्रों ने दाखिला लिया है।
60 फीसदी से 90 फीसदी के बीच अंक वाले 66,297 छात्रों ने लिया दाखिला
वहीं 60 से 90 फीसदी के बीच अंक वाले 66,297 छात्रों ने दाखिला लिया है। इनमें से सबसे अधिक बीए प्रोग्राम में 34, 886, बीकॉम में 13,159, राजनीति विज्ञान में 9056, बीकॉम ऑनर्स में 6032, अंग्रेजी ऑनर्स में 3164 छात्रों ने दाखिला लिया है। वहीं 60 फीसदी से कम अंक वाले 27,241 छात्रों ने दाखिला लिया है।