दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती 32 में से 29 गर्भवती कोरोना संक्रमित महिलाओं ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया है। हालांकि तीन नवजात शिशु कोरोना संक्रमित भी मिले हैं, लेकिन तीन से चार दिन बाद इनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव भी आ गई। इसके बाद डॉक्टरों ने इन्हें स्वस्थ घोषित किया गया। यह तीनों शिशु स्तनपान के दौरान अपनी संक्रमित मां के संपर्क में आने की वजह से पॉजिटिव पाए गए।
दिल्ली के सबसे बड़े कोविड केंद्र लोकनायक अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि बीते 19 दिन में उनके यहां 32 गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी हुई है। यह सभी महिलाएं कोरोना संक्रमित थीं लेकिन अधिकांश माताओं ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। आठ संक्रमित माताओं को सिजेरियन डिलीवरी करनी पड़ी। जबकि 24 सामान्य डिलीवरी हुई हैं। तीन नवजात शिशु में संक्रमण मिला लेकिन चार से पांच दिन बाद इनकी रिपोर्ट निगेटिव भी मिली।
डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी की शुरूआत से लेकर अब तक उनके यहां 730 कोविड संक्रमित गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी हो चुकी है और इनमें से 90 फीसदी ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण आनुवांशिक नहीं है। पिछले दो साल में इसे लेकर दिल्ली और अन्य राज्यों के अलावा दुनिया के कई देशों में चिकित्सीय अध्ययन हुए हैं।
इन सभी के लगभग एक जैसे परिणाम हैं कि माता से शिशु में संक्रमण तभी आता है जब यह दोनों संपर्क में आते हैं। इसलिए उनके अस्पताल में विशेष इंतजाम भी किए गए हैं। जन्म के बाद शिशु को स्तनपान कराना भी जरूरी है। ऐसे में व्यवस्थित मास्क और अन्य सतर्कता बरतते हुए शिशु को स्तनपान कराया जाता है। बहुत ही कम मामलों में शिशु संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।
इस लहर में 27 बच्चे भर्ती, 13 अभी भी उपचाराधीन
लोकनायक अस्पताल से जानकारी मिली है कि इस लहर में अब तक 27 बच्चे संक्रमित होने के बाद उनके यहां भर्ती हुए हैं जिनमें से 13 बच्चे अभी उपचाराधीन हैं। दो बच्चों की मौत भी संक्रमण की वजह से हुई है लेकिन यह दोनों ही बच्चे जन्मजात रोग ग्रस्त थे। 13 में से तीन शिशु की हालत थोड़ी नाजुक बनी हुई है। इनमें संक्रमण के लक्षण मोडरेट हैं। इन्हें ऑक्सीजन थैरेपी दी जा रही है। जबकि अन्य 10 बच्चे सामान्य वार्ड में है।