उत्तर-पूर्वी जिला के साइबर थाने ने जीमेल के जरिये क्रेडिट व डेबिट कार्ड पासवर्ड हैक कर ठगी करने और लोन दिलाने के नाम पर रुपये ऐंठने वाले दो फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। इस मामले में पति के साथ कॉल सेंटर चलाने वाली महिला मैनेजर को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान नजफगढ़ निवासी रजनी रावत (28) के रूप में हुई है। इनके अलावा 15 युवतियों व एक युवक को हिरासत में लिया है।
मुख्य आरोपी संदीप, आरिफ और प्रेमलता फरार हैं। आरोपियों से करीब 1.25 लाख रुपये नकद, 32 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 12 डेबिट और क्रेडिट कार्ड व अन्य सामान बरामद किया है। जांच में पता चला है कि आरोपी पिछले करीब दो सालों से यह धंधा कर रहे थे।
पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सैन ने बताया कि 12 जनवरी को कबीर नगर निवासी रिहान खान ने ठगी की शिकायत दी थी। उसने बताया कि उसके पास दो क्रेडिट कार्ड हैं। कोई खरीदारी नहीं की, लेकिन उसके कार्ड से किसी ने करीब 1.85 लाख रुपये निकाल लिए। जिन खातों में रुपये ट्रांसफर हुए थे, उनकी जानकारी जुटाते हुए पुलिस को एक जीमेल एड्रेस का पता चला।
गूगल को पत्र लिखकर उनसे मदद मांगी गई। इसके बाद पुलिस को एक आईपी एड्रेस का पता चला। उससे लिंक फोन नंबर के आधार पर पुलिस उत्तम नगर स्थित कॉल सेंटर पर पहुंच गई। वहां छापा मारा तो पता चला कि इस नंबर को तंजीम नामक युवक चला रहा है।
कॉल सेंटर आरिफ और उसकी पत्नी रजनी रावत व परवेज अपनी महिला सहयोगी के साथ मिलकर चला रहे थे। दूसरा कॉल सेंटर संदीप व प्रेमलता चला रहे थे। यहां से 14 युवतियों को हिरासत में लिया गया।
कॉल सेंटर में कम ब्याज पर लोन दिलाने की बात कर लोगों से रकम ऐंठी जाती थी। वहीं दूसरी ओर ट्रू-कॉलर के जरिये लोगों की जीमेल आईडी का पता किया जाता था। इसके बाद उनके जीमेल पासवर्ड को क्रेक कर क्रेडिट कार्ड व डेबिट कार्ड का भी पता किया जाता था। पुलिस मामले में फरार चल रहे बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।