सिसोदिया ने बताया कि इस पॉलिसी का मकसद यह है कि अन्य रोगियों में कोरोना के लक्षण होनेे पर भी उन्हें इलाज मिलता रहे। साथ ही कोरोना के मरीजों के लिए बेड में दिक्कत नहीं आए। बिना लक्षण वाले मरीजों को भयभीत होकर अस्पताल में भर्ती होना जरूरी नहीं। मेडिकल टीम की देखरेख में घर पर ही उनका इलाज संभव है।
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि तीन प्रकार के कोरोना मामले हैं, बिना लक्षण वाले, प्रारंभिक लक्षण वाले और गंभीर। बिना लक्षण वाले मरीजों का होम आइसोलेशन में इलाज संभव है। कई हजार लोग अभी घर पर इलाज लेकर ठीक हो रहे हैं। जिन लोगों में बुखार, खांसी जैसे लक्षण या गंभीर लक्षण होते हैं उन्हें अस्पताल में भर्ती करना जरूरी है। सांस लेने की गति एक मिनट में 15 से ज्यादा हो अथवा ऑक्सीजन लेवल 94 प्रतिशत से कम हो, जिनकी सांस लेने की गति प्रति मिनट 30 से ज्यादा तथा ऑक्सीजन लेवल 90 प्रतिशत से कम हो, ऐसे लोगों को तत्काल अस्पताल में भर्ती करना जरूरी होता है। दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी इंसान को इलाज में कोई दिक्कत न आए।