-शवों को पोस्टमार्टम व विस्तृत जांच के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) भेज दिया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में पिछले तीन दिनों रायल बंगाल बाघिन अदितिके छह में से दो और शावक मर गए। चार अगस्त को सात वर्षीय बाघिन ने दोनों को जन्म दिए थे। चिड़ियाघर प्रबंधन के अनुसार, बाघिन अदिति ने जिन्हें दूध पिलाया था, वह लंबे समय से दूध नहीं पी रहे थे, जिसके चलते 20 अगस्त की रात से 21 अगस्त की सुबह तक उन्हें चरणबद्ध तरीके से दूध छुड़ाया गया और हाथों से पालन-पोषण और उपचार के लिए अस्पताल लाया गया था। एक शावक की हालत नाजुक है। उसका गहन उपचार किया जा रहा है।
चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने बताया, शावकों के शवों को पोस्टमार्टम और विस्तृत जांच के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) भेज दिया गया है। एक शावक की अलग से देखभाल की जा रही है। वह ठीक से दूध पी रहा है। प्रबंधन शावक की जान बचाने के लिए आईवीआरआई और अन्य विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती करते वक्त तीनों शावकों की हालत काफी नाजुक थी। प्राथमिक जांच में उन्हें इंफेक्शन से पीड़ित पाया गया था। तीनों शावकों में तेज बुखार और नाक से पानी बहने की शिकायत बनी हुई थी। इन शावकों का विभिन्न टेस्ट करके इलाज चल रहा था। तीनों शावकों ने अपनी मां का दूध पीना भी 24 घंटे पहले बंद कर दिया था। अस्पताल में बिल्ली का कृत्रिम दूध पिलाने की कोशिश भी कामयाब नहीं हो रही थी।