स्वराज इंडिया ने किया
कर्जमाफी का स्वागत
- अध्यक्ष योगेंद्र यादव कहा, अंतिम व्यक्ति तक इसका फायदा पहुंचाना सरकारों की चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार की किसानों के कर्ज माफ करने की योजना का स्वागत किया है। हालांकि, उनका मानना है कि कर्ज माफी ही काफी नहीं, किसानों को कर्ज से स्थायी मुक्ति मिलनी चाहिए। साथ ही, योगेंद्र यादव ने तंज कसा कि चुनावी घोषणा के बाद भी महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकारों, पंजाब में कांग्रेस सरकार और कर्नाटक में कांग्रेस व जनता दल (सेकुलर) की सरकार ने अब तक किसानों के कर्ज माफ नहीं किए हैं।
योगेंद्र यादव के मुताबिक, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में किसान कर्जमाफी अभी सिर्फ कागजों पर है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब और कर्नाटक का अनुभव बताता है कि कागजी घोषणा अंतिम किसान तक नहीं पहुंच सकी है। नई सरकारों का असली इम्तिहान यह होगा कि वह ऋण मुक्ति का लाभ अंतिम किसान तक पहुंचाएं। योगेंद्र यादव ने आगे कहा कि कर्जमाफी किसानों की समस्या का समाधान नहीं। ऋण मुक्ति उपयोगी तभी हो सकेगी, जब बिना शर्त बैंक और साहूकार दोनों तरह के ऋण से किसान को मुक्ति मिले। किसानों की आय में वृद्धि की समुचित व्यवस्था भी हो। ऐसा न होने पर किसानों का भला नहीं हो सकेगा।
उधर, पार्टी प्रवक्ता अनुपम का कहना है कि जिस तेजी से कांग्रेस सरकारों ने किसानों की कर्जमाफी की घोषणा की है, उससे साफ है कि देश के अन्नदाताओं ने राजनीति में एजेंडा सेट कर दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2019 के लोकसभा चुनाव में सबसे प्रभावी मुद्दा किसान ही रहेगा।