सीबीआई की विशेष अदालत में मंगलवार को एनआरएचएम घोटाले के एक केस में दवा कारोबारी ने सरेंडर किया। विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह की अदालत में कारोबारी के वकीलों ने जमानत अर्जी भी दी, जिस पर सीबीआई ने सुनवाई के लिए समय मांग लिया। अदालत ने जमानत पर सुनवाई के लिए 21 दिसंबर की तारीख तय की है। तब तक के लिए कारोबारी को न्यायिक हिरासत में डासना जेल में भेज दिया है।
वर्ष 2010-11 में एनआरएचएम के तहत राय बरेली के जिला अस्पताल में लाखों रुपये की दवा सप्लाई की गई थी। इसमें घोटाला होने की शिकायत सीबीआई ने जांच की तो पता चला कि सरकार को करीब 23 लाख रुपये की हानि हुई है। इसके बाद सीबीआई ने पूर्व सीएमओ गोपाल कुमारिया, दवा कारोबारी रंजन मल्होत्रा, अनिल सिंह, प्रदीप शर्मा, जुगल किशोर समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
कोर्ट ने चार्जशीट के बाद अभियुक्तों के खिलाफ पहले समन और बाद में वारंट जारी किया। अभियुक्त रंजन मल्होत्रा ने जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने कोर्ट में सरेंडर करने को कहा। उसके बाद आरोपी ने सरेंडर किया और जमानत के लिए अर्जी दाखिल की।