गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली पुलिस के 16 अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को गेलेंट्री अवार्ड (वीरता पुलिस पदक) देने की घोषणा की गई है। स्पेशल सेल में तैनात डीसीपी प्रमोद सिंह कुशवाह को दो गेलेंट्री अवार्ड मिले हैं। स्पेशल सेल में तैनात डीसीपी संजीव कुमार को गेलेंट्री के साथ-साथ एक सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक भी दिया गया है।
डीसीपी संजीव कुमार यादव को अब तक 10 गेलेंट्री अवार्ड मिल चुके हैं और वह देश में सबसे ज्यादा गेलेंट्री पद पाने वाले पुलिस अफसर बन गए हैं। इसके अलावा दिल्ली पुलिस के तीन अधिकारियों को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और 18 पुलिस अधिकारियों व जवानों को सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक देने की घोषणा की गई है।
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता कार्यालय के अनुसार गेलेंट्री अवार्ड डीसीपी संजीव कुमार यादव, इंस्पेक्टर प्रभात कुमार पंकज, इंस्पेक्टर पंकज कुमार, एसआई कृष्ण कुमार, एसआई नीरज कुमार शर्मा, हवलदार गिरधर सिंह गुर्जर, सिपाही गुरदीप सिंह, डीसीपी प्रमोद कुमार कुशवाह (दो गेलेंट्री), एसीपी ह्दयभूषण, एसआई संदेश कुमार,एएसआई भूपेन्द्र कुमार, इंस्पेक्टर विनोद कुमार, डीसीपी डा. जी रामगोपाल नायक, एसीपी राजेश कुमार, इंस्पेक्टर विनय त्यागी और सिपाही को देने की घोषणा की गई है।
विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक विशेष पुलिस आयुक्त नीरज ठाकुर, एसीपी रिताम्बरा प्रकाश और एसआई सुरेश कुमार को और सरायनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक डीसीपी राजेश देव, डीसीपी संजीव कुमार यादव, अतिरिक्त डीसीपी राजेन्द्र प्रसाद मीणा, एसीपी अनिल शर्मा, इंस्पेक्टर जरनैल सिंह, इंस्पेक्टर विनोद नारंग, इंस्पेक्टर मनीष जोशी, इंस्पेक्टर हरीश कुमार बक्शी, इंस्पेक्टर देवेन्द्र सिंह, महिला इंस्पेक्टर प्रतिभा शर्मा, एएसआई बहादुर शर्मा, महिला एएसआई रेखा, एएसआई महावीर सिंह, हवलदार निदेश कुमार, महिला हवलदार गीता देवी, सिपाही नरेश यादव व सिपाही हरीराम को देने की घोषणा की गई है।
डीसीपी संजीव कुमार यादव की देखरेख में इंस्पेक्टर प्रभात कुमार पंकज व इंस्पेक्टर पकंज कुमार की टीम ने वर्ष 2018 में क्रांति गैंग के पांच सदस्यों को जिंद, हरियाणा निवासी राजेश उर्फ भारती, रोहतक निवासी संजीत उर्फ सुरजीत, गुरुग्राम निवासी उमेश उर्फ डॉन, कंझावला दिल्ली निवासी वीरेश राणा और जिंद निवासी कपिल को फतेहपुरबेरी इलाके से पकड़ा था। इनमें गोली लगने से राजेश, संजीत, उमेश व वीरेश की मौत हो गई थी। इस मुठभेड़ में गोली लगने से छह पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इनके कब्जे से छह पिस्टल व 31 कारतूस बरामद किए गए थे। डीसीपी प्रमोद कुमार कुश्ववाह की देखरेख में इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने आईएसआईएस के आतंकियों को गिरफ्तार किया था।